घरेलू सर्राफा और कमोडिटी बाजार में गुरुवार को सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को हैरान कर दिया। बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं में गिरावट देखने को मिली, लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर खरीदारी बढ़ने से कीमतों में फिर तेजी लौट आई। पिछले दो कारोबारी सत्रों की कमजोरी के बाद आज बाजार में रिकवरी के संकेत दिखाई दिए।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ खुला। पिछली क्लोजिंग 1,41,270 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले यह 727 रुपये की कमजोरी के साथ 1,40,672 रुपये पर खुला। हालांकि बाजार खुलने के बाद निवेशकों की खरीदारी बढ़ी और सुबह के कारोबार में सोना 240 रुपये की बढ़त के साथ 1,41,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,40,543 रुपये का निचला और 1,41,989 रुपये का उच्चतम स्तर भी छुआ।
चांदी की कीमतों में भी कुछ ऐसा ही रुख देखने को मिला। 3 जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी शुरुआती कारोबार में कमजोरी के साथ खुली और 2,10,308 रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसल गई। लेकिन बाद में बाजार में तेजी लौटने से चांदी ने जोरदार रिकवरी की। सुबह के कारोबार में यह 989 रुपये की बढ़त के साथ 2,14,064 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। दिन के दौरान चांदी ने 2,10,043 रुपये का न्यूनतम और 2,13,075 रुपये का उच्चतम स्तर दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। कॉमेक्स पर सोना हल्की बढ़त के साथ 4,011 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि चांदी में कमजोरी दर्ज की गई और यह 57 डॉलर प्रति औंस के करीब रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की रणनीति में बदलाव के कारण सोने और चांदी में दबाव बना हुआ है। आंकड़ों के अनुसार पिछले छह महीनों में डॉलर के मुकाबले सोने की कीमत में 11 प्रतिशत से अधिक गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी में इसी अवधि के दौरान लगभग 26 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई है।
हालांकि, आज की रिकवरी से संकेत मिल रहे हैं कि निवेशक निचले स्तरों पर खरीदारी कर रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतकों, अमेरिकी ब्याज दरों और डॉलर इंडेक्स की चाल आने वाले दिनों में सोना-चांदी की दिशा तय करेगी।