अनार के औषधीय गुण

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आज हम आपको अनार के घरेलु उपयोग बता रहे है। यह फल बहोत ही गुणकारी है। इस अनार फल का किस किस बीमारी में उपयोग कैसा कैसा हो सकता है आईये देखते है।

अनार के छिलको का चूर्ण 1 चमच एक कप पानी में मिक्स कर के सुबह दोपहर और रात को खाने से बार बार पेशाब आने की समस्या बंद होती है।

गुलाब जल में अनार का छिलका बारीक़ पीसकर दोनों का घोल बना लीजिये और इसका अच्छी तरह लेप बनाकर लेप को सोते समय रोज चहरे पे और गले पे लगाकर सो जाये और सुबह चहरे को धो ले इससे चहरे के दाग, काले निशान, झाईयां मिट जाएगी और चहरे का रंग निखरेगा।

बच्चो को खासी होने पर अनार की छाल खाने के लिए दीजिये अथवा अनार के रस में घी, शक्कर, इलायची और बादाम मिलाकर दीजिये।

अगर आप को पित्त रोग की शिकायत हो तो अनार के रस में शक्कर मिलाकर 1 हप्ते तक पीना चाहिए।

अगर आप को जरुरत से ज्यादा प्यास लगती हो तो अनारदाना खाना चाहिए या दानो का रस निकालकर घुट घुट पीना चाहिए। कुछ दिनों में यह समस्या ठीक हो जाएगी।

बुखार आया हो और खाने में रूचि ना हो तो अनार का 10 मिली रस, 7 ग्राम शहद और 4 ग्राम गाय का घी मिक्स कर के सुबह शाम दो टाइम देना चाहिए।

पीलिया रोगी के लिए छाया में सुखाये हुए अनार के पत्तो का चूर्ण बनाकर रख ले और इस चूर्ण 6 ग्राम लेकर गाय की छाछ के पनीर के साथ सेवन करने से पीलिया रोग ठीक होगा।

नाेट : डायबीटीज, पैरालिसीस, थायराईड, बीपी, गठीया, साेरायसिस, किडनी फैल, सफेद दाग, वजन कम करना इत्यादी बिमारीयाे काे जड से मिटाते है।

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