अलसी के बीज (Flax Seeds) आजकल हेल्थ-कॉन्शियस लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए हैं। इन्हें सुपरफूड कहा जाता है क्योंकि ये ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। लोग इन्हें स्मूदी, सलाद, या नाश्ते में शामिल कर रहे हैं। लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि—क्या साबुत अलसी के बीज बेहतर हैं या पिसे हुए?

पोषण विशेषज्ञ दीपशिखा जैन, एमएससी (ग्लोबल पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशन, यूके) और राष्ट्रीय मधुमेह शिक्षक, ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम पोस्ट में इस पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों ही रूप स्वास्थ्यवर्धक हैं, लेकिन उनके पोषक तत्वों के अवशोषण (absorption) में बड़ा अंतर है।
साबुत अलसी के बीज – सीमित अवशोषण
साबुत अलसी के बीजों का बाहरी आवरण काफी कठोर होता है। इस वजह से हमारा पाचन तंत्र इन्हें पूरी तरह तोड़ नहीं पाता। नतीजतन, शरीर इनमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड, लिग्नान और फाइबर जैसे पोषक तत्वों को पूरी तरह अवशोषित नहीं कर पाता। यही कारण है कि साबुत बीज अक्सर पाचन के बाद भी ज्यों के त्यों निकल जाते हैं।
पिसे हुए अलसी के बीज – पोषक तत्वों का बेहतर स्रोत
वहीं दूसरी ओर, जब अलसी को पीसकर पाउडर बना लिया जाता है, तो उसका बाहरी आवरण टूट जाता है और शरीर को सभी पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं। दीपशिखा जैन के अनुसार, पिसे हुए अलसी के बीज हृदय स्वास्थ्य, ब्लड शुगर नियंत्रण, वजन प्रबंधन और पाचन तंत्र के लिए ज्यादा फायदेमंद होते हैं।

हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि पिसे हुए बीज जल्दी ऑक्सीडाइज़ हो जाते हैं, जिससे उनके पोषक तत्व कम हो सकते हैं। इसलिए इन्हें एयरटाइट कंटेनर में रखकर फ्रिज में स्टोर करें और 2–3 सप्ताह के भीतर उपयोग करें।
कैसे करें सेवन
आप रोज़ाना 1–2 चम्मच पिसी हुई अलसी को दही, स्मूदी, दलिया या सलाद में मिलाकर ले सकते हैं। इसे गर्म पकवानों में ज़्यादा देर तक न पकाएं, क्योंकि इससे इसके ओमेगा-3 फैटी एसिड नष्ट हो सकते हैं।
अगर आप अलसी के बीजों के सभी पोषक लाभ लेना चाहते हैं, तो पिसे हुए अलसी के बीजों का सेवन करें। यह शरीर के लिए अधिक पौष्टिक, पचने में आसान और स्वास्थ्य के लिहाज से अधिक प्रभावी हैं।