फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सह-मेजबान अमेरिका ने इतिहास रचते हुए नॉकआउट चरण में 24 साल बाद जीत दर्ज की है। सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में अमेरिका ने बोस्निया और हर्जेगोविना को 2-0 से हराकर अंतिम-16 में अपनी जगह पक्की कर ली। यह अमेरिका की फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में नॉकआउट चरण की सिर्फ दूसरी जीत है। इससे पहले टीम ने 2002 विश्व कप में मैक्सिको को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था। अब मुख्य कोच मौरिसियो पोचेटिनो की टीम 7 जुलाई को सिएटल में बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ 16 का मुकाबला खेलेगी।
मैच की शुरुआत से ही अमेरिकी टीम ने आक्रामक तेवर अपनाए। मिडफील्ड और विंग्स से लगातार हमले करते हुए अमेरिका ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और बोस्निया की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाया। शुरुआती मिनटों में ही फोलारिन बालोगुन ने शानदार फिनिश के साथ गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया, लेकिन वीएआर जांच के बाद उन्हें ऑफसाइड करार दिया गया और गोल रद्द हो गया। हालांकि इससे अमेरिकी खिलाड़ियों का मनोबल नहीं टूटा और उन्होंने लगातार आक्रमण जारी रखा।
पहले हाफ के इंजरी टाइम में अमेरिका को आखिरकार सफलता मिली। मलिक टिलमैन ने बेहतरीन थ्रू बॉल खेली, जिस पर फोलारिन बालोगुन ने शानदार दौड़ लगाते हुए डिफेंडरों को पीछे छोड़ा और गोलकीपर निकोला वासिलज के नीचे से गेंद को नेट में पहुंचाकर अमेरिका को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह गोल पहले हाफ का निर्णायक क्षण साबित हुआ। अतिरिक्त समय में बालोगुन के पास दूसरा गोल करने का भी शानदार मौका था, लेकिन उनका जोरदार शॉट क्रॉसबार से टकराकर बाहर निकल गया।
दूसरे हाफ में बोस्निया और हर्जेगोविना ने वापसी की कोशिश की और अधिक आक्रामक खेल दिखाया। इसी दौरान 64वें मिनट में मुकाबले ने बड़ा मोड़ लिया। एक चुनौतीपूर्ण टैकल के बाद रेफरी ने वीएआर की मदद से घटना की समीक्षा की और फोलारिन बालोगुन को रेड कार्ड दिखा दिया। इसके बाद अमेरिका को लगभग आधे घंटे तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। संख्या में पिछड़ने के बावजूद अमेरिकी खिलाड़ियों ने अनुशासित डिफेंस और शानदार टीमवर्क का परिचय दिया। गोलकीपर और डिफेंडरों ने कई महत्वपूर्ण मौकों पर बोस्निया के हमलों को विफल कर दिया।
मैच के अंतिम चरण में अमेरिका ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। एक फ्री-किक पर मलिक टिलमैन ने शानदार स्ट्राइक लगाई, जिसे रोक पाना बोस्निया के गोलकीपर के लिए नामुमकिन साबित हुआ। गेंद सीधे नेट में समा गई और अमेरिका ने 2-0 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। इससे पहले क्रिश्चियन पुलिसिक का भी एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिया गया था, लेकिन इसका टीम के प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ा।
इस जीत के साथ अमेरिका ने कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में यह उसकी सिर्फ दूसरी जीत है और 24 वर्षों से चला आ रहा इंतजार खत्म हुआ। इसके अलावा नॉकआउट मुकाबलों में किसी यूरोपीय टीम के खिलाफ यह अमेरिका की दूसरी जीत है। साथ ही यूरोपीय देशों के खिलाफ विश्व कप में लगातार 12 मैचों से जीत का जो सिलसिला थम गया था, उसका भी अंत हो गया। पिछले चार फीफा वर्ल्ड कप में यह चौथी बार है जब अमेरिकी टीम अंतिम-16 तक पहुंची है।
अब सभी की नजरें 7 जुलाई को सिएटल स्टेडियम में होने वाले अमेरिका और बेल्जियम के मुकाबले पर होंगी। बेल्जियम जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अमेरिका के सामने बड़ी चुनौती होगी, लेकिन जिस आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अमेरिकी टीम ने बोस्निया को हराया है, उससे उसके हौसले काफी बुलंद हैं। यदि टीम इसी लय को बरकरार रखती है तो वह 2002 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का सपना भी पूरा कर सकती है।