उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही पहाड़ों का खतरनाक रूप सामने आने लगा है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई इलाकों में भूस्खलन, बोल्डर गिरने और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच विकासनगर-यमुनोत्री-उत्तरकाशी राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने मौके पर मौजूद लोगों को दहला दिया।
बताया जा रहा है कि बारिश के दौरान अचानक पहाड़ी से एक विशालकाय बोल्डर टूटकर सीधे सड़क पर चल रही एक कार पर आ गिरा। बोल्डर के टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़े, जबकि कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक कार में कोटद्वार का एक परिवार सवार था। चंद सेकंड में हुए इस हादसे ने चारों लोगों की जान खतरे में डाल दी। हालांकि राहत की बात यह रही कि कार में मौजूद सभी लोग सुरक्षित बच गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जवानों ने जोखिम उठाते हुए क्षतिग्रस्त कार में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। बाद में प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से क्षतिग्रस्त कार और बोल्डर को सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी देती है कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। मौसम विभाग पहले ही उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर चुका है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
उधर, चमोली जिले में भी लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने के कारण सड़क संपर्क बाधित हो गया है। प्रशासन के अनुसार बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पागल नाला के पास मलबा आने से मार्ग प्रभावित हुआ है। हालांकि इस स्थान पर सावधानी के साथ वाहनों की आवाजाही जारी है।
वहीं गुलाबकोटी के पास भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़क पर आने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग देर रात से पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क बंद होने से बदरीनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें लगातार मलबा हटाने के काम में जुटी हैं, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट और प्रशासनिक सलाह का पालन करें। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचें और यात्रा शुरू करने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके चलते भूस्खलन और चट्टान गिरने का खतरा बना हुआ है