ई-20 पेट्रोल को लेकर सियासी बहस लगातार तेज होती जा रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए दावा किया कि पेट्रोल पंपों और सर्विस स्टेशनों पर जिन लोगों से उन्होंने बातचीत की, उनमें से अधिकांश ने ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद अपनी गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं आने की शिकायत की।
केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने हाल के दिनों में कई पेट्रोल पंपों और सर्विस सेंटरों का दौरा किया और वाहन चालकों से सीधे बातचीत की। उनके मुताबिक, लोगों ने बताया कि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद गाड़ियों की परफॉर्मेंस, माइलेज और इंजन से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें सामने आई हैं।
सरकार के दावों पर उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ई-20 पेट्रोल को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों के अनुभव अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना करने वालों की बात सुनने के बजाय उन्हें गलत तरीके से निशाना बना रही है।
‘विरोध करने वालों को कहा जा रहा देशद्रोही’
केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से जो भी लोग ई-20 पेट्रोल पर सवाल उठा रहे हैं या इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें सरकार के कुछ मंत्री देशद्रोही, एंटी-नेशनल, पेट्रोल लॉबी का दलाल या अनइंप्लॉयड सोशल एक्टिविस्ट जैसे शब्दों से संबोधित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति रखने वालों को इस तरह से निशाना बनाना उचित नहीं है।
‘इतना अहंकार ठीक नहीं’
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा,
“जो लोग ई-20 पेट्रोल को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं, वे देशद्रोही नहीं, बल्कि इसी देश के नागरिक हैं। लोकतंत्र में सरकार का कर्तव्य है कि वह लोगों की बात सुने और उनकी समस्याओं का समाधान करे।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील करते हुए कहा कि सरकार को आलोचना को स्वीकार करना चाहिए और जनता की शिकायतों पर ध्यान देना चाहिए।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से ई-20 पेट्रोल को पर्यावरण के लिए बेहतर और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम कर