बद्रीनाथ-माणा पर मंडरा रहा बड़ा खतरा! 219 लटकते ग्लेशियर ला सकते हैं नेपाल जैसी तबाही

26 0

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने से आई भीषण तबाही ने उत्तराखंड के बद्रीनाथ-माणा क्षेत्र के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है। एक अध्ययन के मुताबिक अलकनंदा बेसिन में 219 हैंगिंग ग्लेशियर मौजूद हैं। इनमें से बद्रीनाथ और माणा के ऊपरी अलकनंदा क्षेत्र को संवेदनशील इलाकों में शामिल किया गया है।

नेपाल की तबाही से बढ़ी चिंता

26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर बर्फ, चट्टान और मलबे के साथ नीचे आया। इससे नदी का प्रवाह बाधित हुआ और बाद में तेज बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया।

नेपाल में हुई इस घटना के बाद वैज्ञानिकों की नजर हिमालय के उन क्षेत्रों पर भी है, जहां लटकते ग्लेशियर और अस्थिर बर्फ मौजूद हैं।

बद्रीनाथ-माणा क्षेत्र में 219 हैंगिंग ग्लेशियर

npj Natural Hazards में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार अलकनंदा बेसिन में 219 हैंगिंग ग्लेशियरों की पहचान की गई है। अध्ययन में बद्रीनाथ और माणा के ऊपरी अलकनंदा क्षेत्र को हैंगिंग ग्लेशियरों और अस्थिर बर्फ की अधिक मौजूदगी वाला संवेदनशील क्षेत्र बताया गया है।

इसी वजह से शोधकर्ताओं ने बद्रीनाथ-माणा क्षेत्र को संभावित हिमस्खलन जोखिम के विस्तृत आकलन के लिए चुना है।

दशकों में बदली पहाड़ों की तस्वीर

माणा के पूर्व ग्राम प्रधान पीतांबर सिंह मोलपा के मुताबिक स्थानीय लोग पिछले कई दशकों में ग्लेशियरों, मौसम और प्राकृतिक जलस्रोतों में बदलाव महसूस कर रहे हैं।

उनका कहना है कि पहले मई-जून तक ऊंचे इलाकों में काफी बर्फ दिखाई देती थी और कई जगह ग्लेशियर नजर आते थे। अब पहले जैसी स्थिति नहीं रही है। उन्होंने सतोपंथ ग्लेशियर और वसुधारा के सामने मौजूद ग्लेशियर के पीछे खिसकने की बात भी बताई।

बारिश और जलस्रोतों के पैटर्न में भी बदलाव

स्थानीय अनुभव के अनुसार मौसम का पैटर्न भी बदला है। अब कई बार प्री-मानसून में तेज बारिश होती है, जबकि मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश और पोस्ट-मानसून में फिर तेज बारिश देखने को मिलती है।

प्राकृतिक जलस्रोतों में भी बदलाव महसूस किया गया है। कुछ स्रोत समय के साथ सूख गए हैं, जबकि बारिश के दौरान उनमें दोबारा पानी आने लगता है। स्थानीय नालों के जलप्रवाह में भी बदलाव की बात सामने आई है।

Related Post

आवारा कुत्तों के मामले में SC की सुनवाई शुरू, पश्चिम बंगाल, तेंलगाना को छोड़ सभी राज्यों के मुख्य सचिव पहुंचे

Posted by - November 3, 2025 0
बता दें कि अदालत ने तीन महीने पहले ये आदेश जारी किया था, जिसका राज्यों द्वारा पालन नहीं किया गया…

सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना में पिछड़ा वर्ग को 42% आरक्षण देने के खिलाफ वंगा गोपाल रेड्डी की याचिका खारिज की

Posted by - October 28, 2025 0
सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना में पिछड़ा वर्ग (OBC) को 42 प्रतिशत आरक्षण देने के खिलाफ वंगा गोपाल रेड्डी की याचिका…

‘कानून-व्यवस्था बिगड़ी तो पुलिस करेगी कार्रवाई’, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर किरेन रिजिजू का बड़ा बयान

Posted by - June 6, 2026 0
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) के दिल्ली प्रदर्शन से पहले…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *