Bihar Elections: बुर्का, हिजाब या पल्‍लू में आने वाली महिलाओं की पोलिंग बूथ पर कैसे हो रही पहचान, महिला मतदानकर्मी ने ही बताया

77 0

Bihar Burqa Voting Rules 2025: बिहार चुनाव में बुर्का, हिजाब या पल्‍लू ओढ़कर आने वाली महिलाओं की पहचान कैसे होती है? NDTV ने ग्राउंड से जाना महिला मतदानकर्मी से पूरी प्रक्रिया

Bihar Burqa Row: बिहार चुनाव को लेकर आज मंगलवार को दूसरे चरण के तहत 122 सीटों पर वोटिंग हो रही है. इनमें मुस्लिम बाहुल्‍य सीमांचल की 24 सीटें भी शामिल हैं. तमाम मतदान केंद्रों पर पर्दानशीं महिला वोटर्स की पहचान के लिए चुनाव आयोग के नियमानुसार जांच हो रही है, जिसके बाद उन्‍हें वोट देने दिया जा रहा है. फिर चाहें वे महिलाएं बुर्के में हों, पल्‍लू लटकाए हुई हों या फिर घूंघट में चेहरा ढके हुई हों. उद्देश्‍य यही कि किसी मतदाता का वोटिंग का अधिकार प्रभावित न हो, उनकी जगह कोई दूसरा, या कोई फर्जी वोटर गलत तरीके से वोट न डाल सके. इन पर्दानशीं महिलाओं की जांच पूरी गरिमा के साथ किए जाने के नियम हैं. इस बारे में सीमांचल की एक मतदानकर्मी ने NDTV को जानकारी दी.

महिला मतदानकर्मी ने बताई प्रक्रिया?

सीमांचल के अररिया जिले में एक मध्‍य विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका सुमन सौरव की ड्यूटी मतदानकर्मी के रूप में उसी मतदान केंद्र पर लगाई गई है. उन्‍हें पूरी गरिमा के साथ पर्दानशीं महिलाओं की पहचान का काम दिया गया है. इसके लिए बकायदा चुनाव आयोग ने पिछले दिनों ट्रेनिंग भी दी थी. 40 वर्षीय सुमन, पिछले चुनावों में भी कई बार वोटिंग ड्यूटी कर चुकी हैं.

उन्‍होंने बताया कि मतदान केंद्र पर महिला वोटर्स की एक अलग कतार लगवाई जाती है. जो महिलाएं घूंघट या बुर्के में होती हैं या फिर दुपट्टे-पल्‍लू वगैरह से जिनका चेहरा ढका होता है, EVM वाले कमरे में जाने से पहले यानी वोट डालने से पहले उनकी पहचान की जाती है.

उन्‍होंने बताया इसके लिए मतदान केंद्र पर ही अलग से एक कमरा होता है, या फिर पर्दे से एक सुरक्षित घेरा बनाया जाता है, जहां बाहर से कुछ दिखाई न दे. महिलाओं की प्राइवेसी को ध्‍यान में रखते हुए इसी घेरे या कमरे में उनका चेहरा मिलान किया जाता है. मतदानकर्मी सुमन ने बताया कि पर्दानशीं महिलाओं के पास आधार, वोटर आईडी या अन्‍य वैध पहचान पत्र होता है, उससे और वोटर लिस्‍ट में उनकी फोटो से उनका चेहरा मिलान किया जाता है. सही रहने पर उन्‍हें वोट डालने दिया जाता है.

टीएन शेषण के समय से ही आयोग का आदेश

निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने पिछले दिनों कहा था कि अक्टूबर 1994 में निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर बुर्का पहनकर आने वाली महिला मतदाताओं की पहचान के लिए एक सम्मानजनक तरीका अपनाने का आदेश दिया था. यह आदेश 21 अक्टूबर 1994 को जारी हुआ था. तब टी एन शेषन निर्वाचन आयोग के प्रमुख थे. आदेश में कहा गया था कि महिला मतदाताओं की गोपनीयता के प्रति संवेदनशीलता की रक्षा के लिए मतदान केंद्र में पर्दानशीं महिलाओं की पहचान के लिए अलग घेरा बनाया जाना चाहिए.

Related Post

OTET 2026 स्थगित, अब 5 जुलाई को दो शिफ्ट में होगी ओडिशा शिक्षक पात्रता परीक्षा

Posted by - June 24, 2026 0
ओडिशा में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बोर्ड ऑफ सेकेंडरी…

बिहार चुनाव: एग्जिट पोल में एनडीए को बढ़त, लेकिन तेजस्वी बोले — “महागठबंधन बनाएगा सरकार, मिलेगी 160 से ज़्यादा सीटें

Posted by - November 12, 2025 0
पटना: बिहार विधानसभा चुनावों के अंतिम चरण के बाद जारी एग्जिट पोल में जहाँ अधिकांश सर्वेक्षण एनडीए को बढ़त दे…

अमृतसर: 24 घंटे में तीन ड्रोन नष्ट, एक पैकेट हेरोइन जब्त ,बॉर्डर पर BSF का कड़ा पहरा

Posted by - October 24, 2025 0
अमृतसर में बीएसएफ ने पाकिस्तान से आए तीन ड्रोन को नष्ट कर ड्रग्स तस्करी की बड़ी साजिश को नाकाम कर…

झारखंड हाई कोर्ट से सीएम हेमंत सोरेन को झटका, MP/MLA कोर्ट में होना होगा पेश

Posted by - November 26, 2025 0
झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ा झटका दिया. ED के समन मामले में एमपी एमएलए कोर्ट से मिली…

Bihar Result: 129 सीटों पर तीसरे नंबर पर रही जन सुराज, जानिए PK के किस प्रत्याशी को मिला सबसे ज्यादा वोट

Posted by - November 17, 2025 0
Prashant Kishor in Bihar Elections 2025: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज बिहार विधानसभा चुनाव में खाता भी…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *