मुख्यमंत्री बोले—बाढ़ राहत में क्षेत्र या धर्म के आधार पर नहीं होगा कोई भेदभाव
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “भाजपा ने देश की लगभग 15 प्रतिशत आबादी को केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व से वंचित रखा है।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बाढ़ प्रभावितों की राहत वितरण में क्षेत्र या धर्म के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करेगी।
विधानसभा सत्र में तीखी बहस
यह बयान भाजपा विधायक शाम लाल शर्मा द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या सरकार ने हाल की बाढ़ के बाद पुनर्वास नीति तैयार की है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जवाब में कहा कि सरकार ने कोई नई नीति तो नहीं बनाई है, लेकिन एक प्रस्ताव विचाराधीन है जिसके तहत प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित प्रत्येक भूमिहीन परिवार को पांच मरला सरकारी भूमि केवल आवासीय प्रयोजनों के लिए पट्टे पर दी जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत पैकेज में क्षेत्रीय या धार्मिक भेदभाव नहीं होगा और राज्य सरकार ने नुकसान का निष्पक्ष आकलन किया है।
“भारत सरकार ने अपनी टीम भेजी, जिन्होंने हमारे साथ मिलकर नुकसान का मूल्यांकन किया। गृह मंत्री ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा किया। सरकार ने किसी भी क्षेत्र या धर्म के साथ भेदभाव नहीं किया है,”
— उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर
“जम्मू को कश्मीर से ज्यादा नुकसान हुआ”
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि सरकार के अपने आंकड़ों के अनुसार, 2014 की बाढ़ की तुलना में इस बार जम्मू क्षेत्र में अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए एक वृहद राहत पैकेज तैयार किया है, जिसे जल्द ही केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
“जैसे ही भारत सरकार से मंजूरी मिलेगी, हम राहत सामग्री का वितरण शुरू कर देंगे,” उन्होंने कहा।
भाजपा पर सीधा हमला
सत्र के दौरान उमर अब्दुल्ला ने भाजपा की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा धर्म के आधार पर राजनीति करती है और अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व से दूर रखती है।
“न तो लोकसभा में और न ही राज्यसभा में भाजपा का एक भी मुस्लिम सांसद है। अगर कोई समुदाय देश की 15% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और उसे संसद में कोई जगह नहीं दी गई, तो यह किसकी राजनीति है?”
— उमर अब्दुल्ला
उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ही जम्मू-कश्मीर में भाजपा का असली राजनीतिक विकल्प है।
“हम गुप्त समझौते नहीं करते। हमने राज्यसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला किया और अब नगरोटा में भी कर रहे हैं। कांग्रेस समेत अन्य दलों ने अपने उम्मीदवार तक नहीं उतारे,” उन्होंने तंज कसा।
‘हमारी राजनीति भेदभाव की नहीं’
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार क्षेत्रीय या धार्मिक भावनाओं के आधार पर निर्णय नहीं लेती।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना है, चाहे वे किसी भी क्षेत्र या धर्म से हों।
“यह हमारी राजनीति नहीं है। हमारी प्राथमिकता जनता है—न कि धर्म या क्षेत्र,” उन्होंने जोर देकर कहा।
राजनीतिक माहौल में नई बहस
उमर अब्दुल्ला के इस बयान से राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमर अब्दुल्ला ने आगामी नगरोटा उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा को घेरने की रणनीति अपनाई है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार और राज्य के बीच राहत वितरण, पुनर्वास और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर लगातार टकराव के संकेत मिल रहे हैं।