यूरोपीय संघ हैंड सैनिटाइज़र में इथेनॉल पर प्रतिबंध पर विचार कर रहा है: क्या यह सच में स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा है?

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परिचय
कोविड-19 महामारी के बाद हैंड सैनिटाइज़र हमारी दैनिक ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन गया हैं। पहले जहां इसे सिर्फ़ अस्पतालों या लैब में ही इस्तेमाल किया जाता था, वहीं अब यह हर किसी के बैग, जेब या घर में मौजूद है। लेकिन हाल ही में यूरोपीय संघ (European Union) ने हैंड सैनिटाइज़र में इस्तेमाल होने वाले इथेनॉल (Ethanol) को लेकर चिंता जताई है। EU एजेंसियों का मानना है कि इथेनॉल में कैंसर और प्रजनन संबंधी जटिलताओं का संभावित खतरा हो सकता है, इसलिए इस पर पुनर्विचार जरूरी है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही मात्रा और तरीके से इस्तेमाल करने पर अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र (Alcohol-based Hand Sanitizer) अब भी सुरक्षित हैं और संक्रमण से बचाव का एक प्रभावी साधन हैं।

 

इथेनॉल और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

इथेनॉल, जिसे एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol) भी कहा जाता है, एक रंगहीन और पारदर्शी तरल पदार्थ है, जिसका प्रयोग कई औद्योगिक और चिकित्सा उत्पादों में किया जाता है। हैंड सैनिटाइज़र में यह मुख्य एंटीसेप्टिक एजेंट के रूप में कार्य करता है, जो बैक्टीरिया, वायरस और फंगस को नष्ट करने की क्षमता रखता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकी Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, हैंड सैनिटाइज़र में कम से कम 60% इथेनॉल होना चाहिए ताकि यह संक्रमण से प्रभावी सुरक्षा दे सके।

 

मुख्य कार्य:

कीटाणुओं को तुरंत निष्क्रिय करता है।
त्वचा पर लंबे समय तक बैक्टीरिया के प्रसार को रोकता है।
सार्वजनिक स्थानों या यात्रा के दौरान हाथों को संक्रमण से सुरक्षित रखता है।

 

यूरोपीय संघ की चिंता – क्या वास्तव में इथेनॉल से कैंसर का खतरा है?

यूरोपीय रसायन एजेंसी (ECHA) ने 10 अक्टूबर 2025 को एक आंतरिक रिपोर्ट में सुझाव दिया कि इथेनॉल को “संभावित विषाक्त पदार्थ” (Potential Toxic Substance) के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गर्भवती महिलाओं में जटिलताएं और कैंसर के खतरे से जुड़े सीमित प्रमाण हैं, जिनकी वैज्ञानिक समीक्षा आवश्यक है। ECHA की जैविक उत्पाद समिति (Biocidal Products Committee) नवंबर के अंत में वैज्ञानिक प्रमाणों पर चर्चा करेगी। अगर हानिकारक प्रभाव सिद्ध होते हैं, तो ईयू इथेनॉल के विकल्प खोजने या इसके उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश कर सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय केवल “औद्योगिक या उच्च सांद्रता वाले उपयोग” पर लागू होना चाहिए, न कि सामान्य हैंड सैनिटाइज़र पर।

विशेषज्ञों की राय

मुंबई के ग्लेनीगल्स हॉस्पिटल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मंजूषा अग्रवाल का कहना है:

“वर्तमान साक्ष्यों के अनुसार, हैंड सैनिटाइज़र में मौजूद इथेनॉल का सीमित या सामान्य उपयोग किसी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का कारण नहीं बनता। बार-बार और लंबे समय तक अत्यधिक उपयोग से त्वचा में सूखापन या जलन हो सकती है, लेकिन कैंसर या प्रजनन संबंधी कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं।”

वे आगे कहती हैं कि —

“हैंड सैनिटाइज़र को सही मात्रा और तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। बार-बार लगाने के बाद हाथों को मॉइस्चराइज़ करना त्वचा की सुरक्षा करता है।”

कोविड-19 और हैंड हाइजीन

महामारी के दौरान हैंड सैनिटाइज़र ने संक्रमण के प्रसार को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई।
हालांकि, FDA (अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन) ने यह स्पष्ट किया है कि कोई भी सैनिटाइज़र कोविड-19 के “उपचार या रोकथाम” के रूप में अनुमोदित नहीं है।

CDC के अनुसार:

जब हाथ स्पष्ट रूप से गंदे हों तो साबुन और पानी से 20 सेकंड तक हाथ धोना सबसे अच्छा विकल्प है।

यदि यह संभव न हो, तो कम से कम 60% अल्कोहल युक्त सैनिटाइज़र का प्रयोग करें।

इथेनॉल बनाम गैर-इथेनॉल सैनिटाइज़र

हैंड सैनिटाइज़र दो प्रमुख प्रकार के होते हैं:

अल्कोहल-आधारित सैनिटाइज़र (Ethanol या Isopropyl Alcohol युक्त)

अल्कोहल-रहित सैनिटाइज़र (Benzalkonium Chloride युक्त)

CDC का कहना है कि 60% से कम अल्कोहल वाले उत्पाद वायरस और बैक्टीरिया को पूरी तरह नष्ट नहीं कर पाते।
जबकि इथेनॉल या आइसोप्रोपाइल अल्कोहल-आधारित सैनिटाइज़र अधिक प्रभावी साबित हुए हैं।

डॉ. मंजूषा अग्रवाल कहती हैं:

“सही सैनिटाइज़र का चयन करने से संक्रमण से बचाव के साथ-साथ संभावित जोखिम भी कम होते हैं। इथेनॉल युक्त सैनिटाइज़र अब भी सबसे विश्वसनीय विकल्प हैं।”

सैनिटाइज़र में कितनी मात्रा में अल्कोहल होना चाहिए?

अनुसंधान बताता है कि 60% से 95% अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइज़र सबसे प्रभावी होते हैं।
कम सांद्रता वाले उत्पाद सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को केवल धीमा करते हैं, उन्हें पूरी तरह नष्ट नहीं कर पाते।

सही उपयोग के सुझाव:

सैनिटाइज़र को हथेलियों पर लगाकर 20 सेकंड तक रगड़ें।

उंगलियों के बीच, नाखूनों के पास और हाथ के पिछले हिस्से को भी कवर करें।

उपयोग के बाद खुले घाव या आंखों के पास लगाने से बचें।

निष्कर्ष

यूरोपीय संघ द्वारा इथेनॉल की सुरक्षा पर पुनर्विचार एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, न कि तत्काल खतरे की चेतावनी।
अब तक कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि सामान्य उपयोग में हैंड सैनिटाइज़र कैंसर या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन और सीडीसी दोनों इसे सुरक्षित और प्रभावी मानते हैं — बशर्ते इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए।

इसलिए घबराने की नहीं, बल्कि सावधानी और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
सही सैनिटाइज़र चुनें, उपयोग निर्देशों का पालन करें, और हाथों की स्वच्छता बनाए रखें — यही स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी है।

पाठकों के लिए नोट: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और यह पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सा स्थिति के बारे में प्रश्न होने पर हमेशा अपने चिकित्सक की सलाह लें।

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Posted by - November 18, 2025 0
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