चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने एक ऐसे प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे कंपनी का मूल्यांकन 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, यह अब तक के सबसे बड़े टेक आईपीओ में से एक हो सकता है। बताया जा रहा है कि कंपनी 2026 की दूसरी छमाही या 2027 की शुरुआत में प्रतिभूति नियामकों के पास आवेदन दाखिल करने पर विचार कर रही है।
ओपनएआई के भीतर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, कंपनी शुरुआती दौर में कम से कम 60 अरब डॉलर या उससे अधिक पूंजी जुटाने का लक्ष्य रखती है। हालांकि सूत्रों ने यह भी कहा कि योजनाएं अभी प्रारंभिक चरण में हैं और बाजार की परिस्थितियों, व्यावसायिक प्रदर्शन और तकनीकी रुझानों के आधार पर समय और रकम दोनों में बदलाव संभव है। कंपनी की मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) सारा फ्रायर ने कुछ सहयोगियों को संकेत दिया है कि लक्ष्य 2027 में लिस्टिंग का है, जबकि कुछ सलाहकारों का अनुमान है कि यह प्रक्रिया 2026 के अंत तक पूरी हो सकती है।
हालांकि ओपनएआई के एक प्रवक्ता ने कहा है, “आईपीओ फिलहाल हमारा फोकस नहीं है। हमारा ध्यान एक टिकाऊ व्यवसाय बनाने और अपने मिशन को आगे बढ़ाने पर है ताकि एजीआई (Artificial General Intelligence) के लाभ सभी तक पहुंच सकें।” बावजूद इसके, अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि यह कदम कंपनी के सार्वजनिक बाजारों में प्रवेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण तैयारी है।
सूत्रों का कहना है कि ओपनएआई का यह कदम उस समय आया है जब कंपनी ने हाल ही में अपना कॉरपोरेट पुनर्गठन पूरा किया है, जिससे माइक्रोसॉफ्ट पर उसकी वित्तीय निर्भरता कम हुई है। अब कंपनी निवेशकों के लिए एक स्वतंत्र और पारदर्शी ढांचे में काम कर सकती है। आईपीओ के ज़रिए ओपनएआई को पूंजी जुटाने का अधिक कुशल तरीका मिलेगा, जिससे बड़े अधिग्रहण और एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर में ट्रिलियन डॉलर तक के निवेश की सैम ऑल्टमैन की दीर्घकालिक योजना को बल मिलेगा।
कंपनी की सोच से परिचित लोगों के अनुसार, ओपनएआई का वार्षिक राजस्व वर्ष के अंत तक लगभग 20 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, हालांकि 500 अरब डॉलर की वैल्यू वाली कंपनी अभी भी घाटे में है। आईपीओ की सफलता से सॉफ्टबैंक, थ्राइव कैपिटल और अबू धाबी के एमजीएक्स जैसे निवेशकों को बड़ी बढ़त मिलेगी। वहीं, ओपनएआई के सबसे बड़े समर्थक माइक्रोसॉफ्ट का कंपनी में लगभग 27 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो उसके 13 अरब डॉलर के निवेश के बाद बनी है।
एआई सेक्टर में इस समय भारी तेजी देखी जा रही है। इसी साल एआई क्लाउड कंपनी कोरवीव (CoreWeave) 23 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर सार्वजनिक हुई थी और तब से इसका मूल्यांकन तीन गुना बढ़ चुका है। दूसरी ओर, एनवीडिया (NVIDIA) बुधवार को 5 ट्रिलियन डॉलर के बाज़ार मूल्य तक पहुंचने वाली पहली कंपनी बन गई, जो वैश्विक एआई उछाल का प्रतीक है।
ओपनएआई का संभावित आईपीओ इस बढ़ती प्रतिस्पर्धा और निवेश की होड़ के बीच तकनीकी बाजार में नई दिशा तय कर सकता है। यदि कंपनी वास्तव में 1 ट्रिलियन डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंचती है, तो यह न केवल टेक इंडस्ट्री का इतिहास बदल देगा, बल्कि इसे एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसी कंपनियों की श्रेणी में ला खड़ा करेगा।
फिलहाल, निवेशक और विश्लेषक दोनों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ओपनएआई अपनी एआई तकनीकों — विशेष रूप से चैटजीपीटी और संबंधित सेवाओं — से किस तरह लंबी अवधि का राजस्व मॉडल तैयार करती है। अगर कंपनी अपनी मौजूदा रफ्तार और नवाचार को बनाए रखती है, तो आने वाले वर्षों में यह दुनिया का सबसे मूल्यवान सार्वजनिक एआई उद्यम बन सकती है।