Best time to eat Chyawanprash according to Ayurveda: आयुर्वेद के जाने-माने विशेषज्ञ नित्यानंदम श्री ने च्यवनप्राश को खाने का सही समय और सही तरीका बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
Correct way to consume Chyawanprash: ठंड का मौसम आ गया है. ऐसे में लोगों ने अपनी डाइट में भी उस तरह से बदलाव करने शुरू कर दिए हैं. खासकर सर्दी के मौसम में लोग च्यवनप्राश जरूर खाते हैं. च्यवनप्राश एक आयुर्वेदिक टॉनिक है जो हमारे शरीर को ताकत देता है, रोगों से बचाता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर च्यवनप्राश को गलत तरीके से खाया जाए, तो शरीर को इसके पूरे फायदे नहीं मिल पाते हैं? इसी कड़ी में आयुर्वेद के जाने-माने विशेषज्ञ नित्यानंदम श्री ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर कर च्यवनप्राश को खाने का सही समय और सही तरीका बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
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क्या कहते हैं नित्यानंदम श्री?
वीडियो में नित्यानंदम श्री बताते हैं, कुछ लोगों को च्यवनप्राश खाने से मुंह में छाले, नकसीर या शरीर में गर्मी हो जाती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनकी बॉडी पहले से ही गर्म होती है. ऐसे लोग बिना केसर वाला और चांदी भस्म (Chandi Bhasma) वाला च्यवनप्राश लें. ये ठंडा असर करता है और गर्मी नहीं बढ़ाता. हालांकि, जिन लोगों को अक्सर सर्दी-जुकाम या कफ रहता है, उनके लिए केसर वाला च्यवनप्राश ही अच्छा होता है.
च्यवनप्राश खाने का सबसे अच्छा समय क्या है?
अब बात करते हैं समय की. नित्यानंदम श्री कहते हैं कि सुबह खाली पेट च्यवनप्राश खाना सबसे अच्छा होता है. सुबह के समय शरीर में कफ ज्यादा होता है, उस समय च्यवनप्राश शरीर को जल्दी फायदा देता है. लेकिन ध्यान रखें च्यवनप्राश खाने के बाद कम से कम 30 से 45 मिनट तक कुछ भी न खाएं. उसके बाद ही नाश्ता करें.
क्या हम दूध में च्यवनप्राश मिला सकते हैं?
बहुत लोग च्यवनप्राश को दूध में मिलाकर तुरंत पीते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. नित्यानंदम श्री कहते हैं, च्यवनप्राश में आंवला होता है और आंवले के साथ दूध तुरंत लेना पाचन के लिए ठीक नहीं होता. इसलिए च्यवनप्राश लेने के कम से कम आधे घंटे बाद ही दूध पिएं.