लालू परिवार में घमासान जारी..3 और बेटियों ने छोड़ा घर

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पटना, 17 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को मिली करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव के परिवार में आंतरिक कलह ने एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। शनिवार को लालू की सबसे छोटी बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार और पार्टी दोनों से नाता तोड़ने का ऐलान करते हुए पटना का राबड़ी देवी आवास छोड़ दिया था, तो रविवार को उनकी तीन अन्य बहनों—रागिनी यादव, राजलक्ष्मी यादव और चंदा यादव—ने भी अपने बच्चों के साथ घर से नाता तोड़ दिया और दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। ये चारों बहनें अब दिल्ली में अपनी सबसे बड़ी बहन मीसा भारती के आवास पर पहुंच चुकी हैं, जिससे लालू परिवार का पटना स्थित मुख्य आवास लगभग खाली हो गया है। यह घटनाक्रम न केवल पारिवारिक विवाद को उजागर कर रहा है, बल्कि आरजेडी के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर रहा है।विवाद की जड़ें चुनाव परिणामों में हैं। आरजेडी को उम्मीद थी कि महागठबंधन के दम पर सत्ता हासिल हो जाएगी, लेकिन एनडीए की प्रचंड जीत ने सब कुछ उलट-पुलट कर दिया। हार के तुरंत बाद राबड़ी देवी के आवास पर हुई बैठक में बहस छिड़ गई। रोहिणी आचार्य, जो सिंगापुर में अपने पति समीर आचार्य और बच्चों के साथ रहती हैं, चुनाव प्रचार के सिलसिले में पटना आई हुई थीं। उन्होंने बताया कि हार की जिम्मेदारी तय करने पर बहस हुई, जिसमें उन्होंने अपने भाई और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के करीबी सलाहकारों—संजय यादव और रमीज नेमत—पर सवाल उठाए। रोहिणी का कहना था कि इन दोनों ने पार्टी की रणनीति को गलत दिशा दी, जिससे हार हुई। लेकिन इस पर तेजस्वी भड़क गए और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए चप्पल उठाकर रोहिणी पर हमला करने की कोशिश की। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में लिखा, “कल एक बेटी, एक बहन, एक शादीशुदा महिला, एक मां को जलील किया गया। मारने के लिए चप्पल उठाया गया। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। सिर्फ इसलिए मुझे घर से निकाल दिया गया। मेरा कोई परिवार नहीं बचा।” उन्होंने यह भी कहा कि पिता लालू प्रसाद यादव चुपचाप यह सब देखते रहे, जो उनके लिए सबसे बड़ा दर्द है। रोहिणी ने आगे जोड़ा, “मैंने पिता को किडनी दान की थी, लेकिन आज राजनीति ने मेरे त्याग को गलत तरीके से पेश कर दिया। किसी के घर मेरी जैसी बेटी न हो।”यह विवाद रविवार को और भड़क गया। रोहिणी के पोस्ट के बाद रागिनी, राजलक्ष्मी और चंदा—जो लालू की अन्य बेटियां हैं और राजनीति से दूर रहती हैं—ने भी परिवार के साथ रहना मुनासिब नहीं समझा। ये तीनों बहनें अपने-अपने परिवारों के साथ पटना एयरपोर्ट से दिल्ली फ्लाइट पकड़कर रवाना हुईं। सूत्रों के अनुसार, वे मीसा भारती के घर में ही ठहरेंगी, जो राज्यसभा सांसद हैं और दिल्ली में रहती हैं। रोहिणी ने पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में कहा, “सारी दुनिया पूछ रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ, लेकिन कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं। मुझे अनाथ बना दिया गया।” उन्होंने तेजस्वी के अलावा संजय यादव को “पार्टी का कंट्रोल करने वाला” और रमीज नेमत को “गलत सलाह देने वाला” बताते हुए निशाना साधा। रोहिणी ने स्पष्ट कहा कि वे अब न तो राजनीति में लौटेंगी और न ही परिवार से कोई संपर्क रखेंगी।लालू परिवार की यह फूट कोई नई बात नहीं है। पहले तेज प्रताप यादव ने अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से अलगाव कर लिया था, जिसके बाद ऐश्वर्या को परिवार से दूर कर दिया गया। तेज प्रताप खुद कई बार परिवार से नाराज होकर घर छोड़ चुके हैं। अब रोहिणी का कदम और उसके बाद तीन बहनों का दिल्ली रवाना होना परिवार के बिखराव को साफ दिखा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद आरजेडी के लिए घातक साबित हो सकता है। तेजस्वी यादव, जो पार्टी के चेहरा हैं, पर अब परिवार के अंदरूनी मुद्दों के कारण दबाव बढ़ रहा है। विपक्षी दल, खासकर बीजेपी और जेडीयू, इसे “लालू परिवार का जंगलराज” बताकर हमलावर हैं। चिराग पासवान ने ट्वीट कर कहा, “यह परिवार का दुख है, लेकिन राजनीति में संस्कारों की कमी दिख रही है।”लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने अभी तक इस विवाद पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। लालू, जो स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय राजनीति से दूर हैं, इस संकट में चुप्पी साधे हुए हैं। मीसा भारती ने भी कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन सूत्र बताते हैं कि वे बहनों को सांत्वना देने की कोशिश कर रही हैं। परिवार के करीबी कहते हैं कि यह अस्थायी नाराजगी है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट से साफ है कि घाव गहरा है। रोहिणी का सिंगापुर लौटना तय माना जा रहा है, जबकि अन्य बहनें दिल्ली में ही रह सकती हैं।यह घटना बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकती है। आरजेडी को हार से उबरना है तो परिवार का एकजुट होना जरूरी है, लेकिन फिलहाल तो “घर का बंटवारा” ही सुर्खियां बटोर रहा है।

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