नई दिल्ली। इंदिरा गांधी पुरस्कार को लेकर कांग्रेस भाजपा के निशाने पर आ गई है। बीते बुधवार कांग्रेस की संसदीय दल अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार की पूर्व प्रमुख मिशैल बैचलेट को शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए साल 2024 के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी पुरस्कार से सम्मानित किया था। 2019 में कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद वहां लाकडाउन लगाए जाने पर काफी मुखर थीं। भाजपा ने सवाल किया कि क्या बैचलेट पुरस्कार की वास्तविक हकदार थीं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का डीएनए ही भारत विरोधी है। उन्होंने मिशैल बैचलेट को पुरस्कृत किया, जो भारत की संप्रभुता पर हमला करती हैं।
बैचलेट के पुरस्कार पर उठाए सवाल
भाटिया ने कहा कि यूएन मानवाधिकार की पूर्व प्रमुख न केवल कश्मीर से धारा 370 हटाने का विरोध किया था, बल्कि कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया था और असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के क्रियान्वयन पर भी आपत्ति जताई थी।
उन्होंने कहा कि क्या सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नहीं पता था कि असम में एनआरसी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कराया जा रहा था। ये बैचलेट कौन हैं, जो कह रही थीं कि एनआरसी लागू किया गया तो देश में अस्थिरता फैल जाएगी।
भाटिया ने इस समारोह में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटल की मौजूदगी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी को 1984 के सिख दंगा पीडि़तों का दर्द अगर समझ में नहीं आता है तो उन्हें पूछ लेना चाहिए। टाइटलर इन मामलों में आरोपित हैं।