देश में ईंधन की बचत और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की मुहिम अब सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंचती दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक अहम और प्रतीकात्मक कदम उठाया है।
नितिन गडकरी 14 और 15 मई 2026 को महाराष्ट्र के पुणे, सतारा और सोलापुर के दौरे पर रहेंगे, लेकिन इस बार उनका सफर सामान्य काफिले या वीआईपी वाहनों से नहीं, बल्कि बस के जरिए होगा। यह निर्णय ईंधन की खपत कम करने और ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने की दिशा में एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मंत्रालय की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, इस दौरे के दौरान गडकरी संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे। खास बात यह है कि इस पूरी यात्रा में उनके साथ सुरक्षा कर्मी, अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि भी बस से ही सफर करेंगे।
इसके अलावा, संबंधित जिलों—पुणे, सतारा और सोलापुर—के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर यह भी अनुरोध किया गया है कि वीआईपी काफिले में वाहनों की संख्या को 50 प्रतिशत तक कम किया जाए।
यह कदम प्रधानमंत्री मोदी की उस अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने, मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अधिक उपयोग, और कारपूलिंग को बढ़ावा देने की बात कही थी। इसके बाद कई स्तरों पर सरकारी तंत्र में ईंधन बचत को लेकर पहलें तेज हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि खुद प्रधानमंत्री के काफिले में भी हाल ही में वाहनों की संख्या कम देखी गई है, जो इस अभियान को और मजबूती देता है।
यह पूरा कदम न केवल प्रशासनिक बदलाव का संकेत है, बल्कि आम जनता को भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने के लिए प्रेरित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।