नई दिल्ली: भारत की लोकतांत्रिक राजनीति में जल्द एक नया इतिहास बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। अगर सब कुछ सामान्य रहा, तो 9 जून 2026 को पीएम मोदी लगातार सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
दरअसल, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 13 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए स्वतंत्र भारत की पहली लोकसभा बैठक को याद किया। उन्होंने लिखा कि 13 मई 1952 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐतिहासिक दिन था, जब पहली निर्वाचित लोकसभा की पहली बैठक हुई थी। इसी के साथ देश में संसदीय लोकतंत्र की औपचारिक शुरुआत हुई थी।
इसी चर्चा के बीच अब देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड पर भी बात शुरू हो गई है।
फिलहाल यह रिकॉर्ड देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम दर्ज है। 1951-52 में हुए पहले आम चुनाव में कांग्रेस को भारी बहुमत मिला था, जिसके बाद नेहरू ने 14 मई 1952 को स्वतंत्र भारत के पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। वे 27 मई 1964 तक लगातार इस पद पर बने रहे। इस तरह उन्होंने लगातार 12 साल और 14 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया।
वहीं नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 और 2024 लोकसभा चुनावों में भी उनके नेतृत्व में एनडीए को जीत मिली और वे लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। अब 9 जून 2026 को पीएम मोदी निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर 12 साल और 15 दिन पूरे कर लेंगे। इसके साथ ही वे जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ देंगे।
हालांकि, कुल कार्यकाल की बात करें तो जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 से ही देश के प्रधानमंत्री थे। लेकिन उस समय वे लोकतांत्रिक चुनाव के जरिए नहीं, बल्कि कांग्रेस नेतृत्व द्वारा मनोनीत किए गए थे। इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री के लगातार कार्यकाल का रिकॉर्ड अलग माना जाता है।
अब देश की राजनीति और इतिहास पर नजर रखने वालों की निगाहें 9 जून 2026 पर टिकी हैं, जब भारत को लोकतांत्रिक राजनीति में एक नया रिकॉर्ड देखने को मिल सकता है।