देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में 13 जून तक बारिश, तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने 11 और 12 जून को कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।
आईएमडी के मुताबिक मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले तीन से चार दिनों में मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के और हिस्सों में पहुंच सकता है। साथ ही छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में भी मानसून दस्तक दे सकता है।
पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल में अगले पांच से सात दिनों के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी वर्षा की संभावना है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है।
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में लू का असर जारी रहने की संभावना है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी चलने का भी अनुमान है। वहीं जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ दिनों बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ का संयुक्त प्रभाव आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम को प्रभावित करेगा। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।