उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। रविवार रात से जारी भारी बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बढ़ते जलस्तर के चलते बेलनी क्षेत्र में अलकनंदा नदी के किनारे स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जो नदी के बढ़ते खतरे का संकेत दे रही है।
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर सड़क संपर्क पर पड़ा है। श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच सिरोबगड़ में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7) भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। सड़क पर मलबा और बड़े पत्थर आने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं केदारनाथ हाईवे के बांसबाड़ा क्षेत्र में लगातार पहाड़ी से मलबा और चट्टानें गिर रही हैं। प्रशासन ने इस क्षेत्र को बेहद संवेदनशील घोषित किया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF, आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव दल पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत टीमें तैनात कर दी गई हैं।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और चारधाम यात्रियों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और यात्रा पर निकलने से पहले सड़क व मौसम की ताजा जानकारी लेने की अपील की है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में भी कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।