दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईशान किशन ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया है। ईस्ट जोन की कप्तानी करते हुए किशन ने साउथ जोन के खिलाफ शानदार शतक जड़ने के बाद अपने स्कोर को 150 रन के पार पहुंचा दिया। इसके साथ ही वह दलीप ट्रॉफी के फाइनल में 150 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं।
ईशान किशन ने 204 गेंदों पर पूरे किए 150 रन
ईशान ने साउथ जोन के खिलाफ फाइनल में बेहतरीन धैर्य और आक्रामकता का प्रदर्शन किया। उन्होंने 204 गेंदों पर 150 रन पूरे किए और अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
ईशान से पहले दलीप ट्रॉफी के फाइनल में 18 बल्लेबाज 150 या उससे ज्यादा रन की पारी खेल चुके थे। अब ईशान इस खास क्लब में शामिल होने वाले 19वें बल्लेबाज बन गए हैं।
कुमार कुशाग्र के साथ हुई 230 रन की साझेदारी
ईशान किशन को दूसरे छोर पर कुमार कुशाग्र का शानदार साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 230 रन की बड़ी साझेदारी की। कुशाग्र ने 132 गेंदों पर 101 रन की शानदार पारी खेली।
वहीं, ईशान एक छोर संभालकर लगातार रन बनाते रहे और अब उनकी नजर दोहरे शतक पर है।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में सबसे बड़ी पारी किसकी?
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का रिकॉर्ड रमन लांबा के नाम है। उन्होंने 1987 में नॉर्थ जोन की ओर से खेलते हुए वेस्ट जोन के खिलाफ 320 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी।
इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर यशस्वी जायसवाल हैं, जिन्होंने दलीप ट्रॉफी फाइनल में 265 रन बनाए थे। वहीं चेतेश्वर पुजारा ने 256 रन की पारी खेली थी।
150+ रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट
दलीप ट्रॉफी फाइनल में 150 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले प्रमुख बल्लेबाजों में पारस डोगरा 167, रिद्धिमान साहा 170, अजित वाडेकर 171, एम. जयसिम्हा 171, वसीम जाफर 173, रमन लांबा 180, दिनेश कार्तिक 183, मोहम्मद अजहरुद्दीन 184, केएल राहुल 185 और आकाश चोपड़ा 188 रन शामिल हैं।
इसके अलावा यश राठौड़ ने 194, मंसूर अली खान पटौदी ने 200, यूसुफ पठान ने नाबाद 210, अंशुमन गायकवाड़ ने 216, अजित वाडेकर ने 229, चेतेश्वर पुजारा ने 256 और यशस्वी जायसवाल ने 265 रन की पारी खेली है।
दोहरे शतक से सिर्फ एक कदम दूर ईशान
ईशान किशन की नजर अब दोहरे शतक पर है। अगर वह फाइनल में 200 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहते हैं, तो वह दलीप ट्रॉफी फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले 7वें बल्लेबाज बन सकते हैं।
ईशान की यह पारी उनके लिए इसलिए भी खास है क्योंकि लंबे समय से भारतीय टीम में वापसी की कोशिश कर रहे विकेटकीपर-बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया है।