बदलने वाला है लद्दाख का नक्शा ! पांच नए जिलों का होगा गठन !
लद्दाख के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव होने वाला है। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से ही लद्दाख में नए जिलों की मांग लगातार उठ रही थी। अब इस दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। गृह मंत्रालय ने अगस्त 2024 में इन जिलों के गठन को मंजूरी दे दी थी , लेकिन औपचारिक प्रक्रिया में देरी हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार लद्दाख में पाँच नए जिलों के गठन का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। ये जिले होंगे—नुब्रा, ज़ंस्कार, खरदुंगला, द्रास और हनले। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रीय परिषदों ने लंबे समय से इन इलाकों को अलग जिला बनाने की बात कही थी ताकि लोगों को प्रशासनिक सुविधाएँ उनके नजदीक उपलब्ध हो सकें।
इन नए जिलों के बनने से लद्दाख की भौगोलिक और प्रशासनिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। वर्तमान में लेह और कारगिल लद्दाख के दो प्रमुख जिले हैं, जबकि पहाड़ी इलाकों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए भी मुख्यालय तक लंबी यात्रा करनी पड़ती है। नूब्रा और द्रास जैसे इलाकों में मौसम की चुनौतियों और सीमावर्ती परिस्थितियों के कारण प्रशासनिक कार्यों में भी दिक्कतें आती रही हैं। इसलिए नए जिलों का गठन स्थानीय विकास, सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करेगा।
फिलहाल यह प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के पास भेजा गया है, जहां अंतिम मुहर लगने का इंतजार है। जैसे ही वित्त विभाग की मंजूरी मिलेगी, केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी की जाएगी और नए जिलों का गठन आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगा। लद्दाख के लोगों में इस निर्णय को लेकर उत्साह दिख रहा है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय संतुलन, रोजगार के अवसर और बुनियादी ढाँचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह कदम लद्दाख को प्रशासनिक रूप से और अधिक सक्षम और व्यवस्थित बनाएगा।