लगातार दो कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को सुस्ती देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ खुले, लेकिन शुरुआती कारोबार में बाजार लगभग सपाट नजर आया।
बीएसई सेंसेक्स 271 अंकों की बढ़त के साथ 77,080 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 52 अंकों की बढ़त लेकर 24,041 के स्तर पर पहुंचा। हालांकि बाद में बाजार की तेजी सीमित रही और प्रमुख सूचकांक मामूली उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया मजबूत हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपया 31 पैसे चढ़कर 94.29 के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से रुपये को समर्थन मिल रहा है।
कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी दोनों में कमजोरी दर्ज की गई। सोना 441 रुपये टूटकर 1,52,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी 393 रुपये गिरकर 2,49,712 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 0.72 फीसदी गिरकर 78.39 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड करीब 1 फीसदी टूटकर 75.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, आईटी, मीडिया, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में खरीदारी रही। वहीं मेटल, रियल्टी, ऑटो, प्राइवेट बैंक और पीएसयू बैंक शेयरों पर दबाव देखने को मिला।
निफ्टी-50 में हिंडाल्को, एनटीपीसी, ट्रेंट, ओएनजीसी, भारती एयरटेल, डॉ. रेड्डीज और एक्सिस बैंक शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में दो प्रमुख कारक बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। पहला, कच्चे तेल की कीमतों में जारी गिरावट जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। दूसरा, कमजोर मानसून, जो खाद्य महंगाई की चिंता बढ़ा सकता है। हालांकि विशेषज्ञों को उम्मीद है कि मानसून की स्थिति में सुधार होने पर बाजार का सकारात्मक रुख बरकरार रह सकता है।