हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवार, जिन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है, भगवान हनुमान की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा साधक के जीवन से संकट, भय और बाधाओं को दूर करके सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है।
आज ज्येष्ठ माह का अंतिम बड़ा मंगल है। ऐसे में यदि आप अब तक बड़ा मंगल का व्रत या विशेष पूजा नहीं कर पाए हैं, तो इस शुभ अवसर पर कुछ विशेष उपाय करके बजरंग बली की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
दक्षिणमुखी हनुमान जी की करें पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़ा मंगल के दिन दक्षिणमुखी हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। भक्तों को लाल रंग के आसन पर बैठकर श्रद्धापूर्वक पूजा करनी चाहिए और हनुमान जी को सिंदूर का चोला अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि इससे जीवन के संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
तुलसी दल और तुलसी माला करें अर्पित
हनुमान जी की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व बताया गया है। बड़ा मंगल के दिन भोग के साथ तुलसी दल अर्पित करें और संभव हो तो तुलसी की माला भी चढ़ाएं।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, एक बार हनुमान जी की भूख शांत नहीं हो रही थी। तब माता सीता ने उनके भोजन में तुलसी दल रखा, जिससे उनकी भूख शांत हुई। तभी से हनुमान जी को तुलसी अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है।
हनुमान चालीसा का करें पाठ
हनुमान चालीसा को संकटों को दूर करने वाला अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसकी प्रत्येक चौपाई एक महामंत्र के समान फलदायी होती है।
साल के आखिरी बड़ा मंगल पर श्रद्धालुओं को कम से कम सात बार हनुमान चालीसा का पाठ करने का प्रयास करना चाहिए। इससे मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
क्या मिलेगा पूजा का फल?
- संकटों से मुक्ति
- आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि
- कार्यों में सफलता
- परिवार में सुख-शांति
- भगवान हनुमान की विशेष कृपा
धार्मिक परंपराओं के अनुसार सच्ची श्रद्धा, सेवा भाव और प्रभु स्मरण के साथ की गई पूजा का फल अवश्य प्राप्त होता है। साल के आखिरी बड़ा मंगल पर बजरंग बली का स्मरण कर उनके आशीर्वाद की कामना करें।