महाकाल मंदिर में दान का नया रिकॉर्ड, आय 144 करोड़ के पार; लड्डू प्रसादी और चढ़ावे से बढ़ी कमाई

20 0

उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था ने आय का नया रिकॉर्ड बना दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंदिर की कुल आय 144 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक पहुंच गई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार सबसे अधिक आय लड्डू प्रसादी की बिक्री से हुई है, जिससे करीब 65 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। वहीं दान पेटियों से 62 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंदिर को मिली है।

इसके अलावा नगद काउंटर से 5.50 करोड़ रुपये, ऑनलाइन दान से 3.60 करोड़ रुपये, अन्नक्षेत्र से 3.38 करोड़ रुपये और गुप्त दान के रूप में 4.65 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। श्रद्धालुओं ने बड़ी मात्रा में सोना, चांदी और अन्य कीमती आभूषण भी दान किए हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।

मंदिर प्रशासन का मानना है कि वर्ष 2022 में महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पहले जहां प्रतिदिन लगभग 50 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते थे, वहीं अब सामान्य दिनों में भी डेढ़ लाख से दो लाख तक भक्त बाबा महाकाल के दर्शन करने आ रहे हैं। इसी वजह से मंदिर की आय में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

दान राशि की गणना पूरी पारदर्शिता के साथ की जाती है। मंदिर परिसर में स्थापित 95 दान पेटियों को नियमित रूप से सुरक्षा व्यवस्था के बीच खोला जाता है और अधिकारियों की मौजूदगी में राशि की गिनती की जाती है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी निगरानी भी की जाती है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार दान से प्राप्त राशि का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, अन्नक्षेत्र, धर्मशालाओं, गोशाला संचालन, वैदिक शोध संस्थान और विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों पर किया जाता है। बढ़ती श्रद्धालु संख्या के कारण मंदिर का मासिक खर्च भी बढ़कर पांच करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल हो गया है और आने वाले समय में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

Related Post

Kasibugga Venkateswara Swamy Temple: वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, जहां दिव्य स्वरूप में प्रकट हुए थे भगवान विष्णु, जानें क्यों कहलाता है पूर्व का तिरुपति

Posted by - November 1, 2025 0
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित काशी बुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर भगवान विष्णु के अवतार वेंकटेश्वर को समर्पित है.…

bhagwat geeta sanskrit shlok: गीता के 10 अमृत श्लोक जो बदल देंगे आपकी सोच, हर कदम पर मिलेगी सफलता

Posted by - November 8, 2025 0
भगवद गीता सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं है बल्कि ये जीवन का मार्गदर्शन करने वाली ऐसी दिव्य शिक्षा है…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *