इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टेस्ट क्रिकेट में एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है, जिसे अब तक दुनिया के केवल दो खिलाड़ी ही छू सके हैं। ट्रेंट ब्रिज में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच के दौरान स्टोक्स ने अपनी शानदार गेंदबाजी से 4 विकेट हासिल किए और इसी के साथ उनके टेस्ट करियर में 250 विकेट पूरे हो गए।
इस उपलब्धि के साथ बेन स्टोक्स टेस्ट क्रिकेट में 7,000 से अधिक रन और 250 विकेट लेने वाले दुनिया के केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह अनोखा रिकॉर्ड सिर्फ दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक्स कैलिस के नाम दर्ज था। यह उपलब्धि स्टोक्स की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण मानी जा रही है।
बेन स्टोक्स ने अब तक 122 टेस्ट मैचों की 218 पारियों में 7,228 रन बनाए हैं। उनके नाम 14 शतक और 37 अर्धशतक दर्ज हैं। वहीं गेंदबाजी में उन्होंने 250 विकेट लेकर खुद को आधुनिक दौर के सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर्स में शामिल कर लिया है। कप्तानी के साथ-साथ बल्ले और गेंद दोनों से उनका योगदान इंग्लैंड की टेस्ट टीम की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है।
अगर टेस्ट क्रिकेट के महान ऑलराउंडर जैक्स कैलिस की बात करें, तो उन्होंने 166 टेस्ट मैचों की 280 पारियों में 13,289 रन बनाए, जिसमें 45 शतक और 58 अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में उन्होंने 292 विकेट हासिल किए और लंबे समय तक दुनिया के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर बने रहे। अब बेन स्टोक्स इस विशिष्ट क्लब में शामिल होकर क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडर्स की सूची में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।
ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे इस मुकाबले में न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद शानदार रही। कप्तान टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे ने पहले विकेट के लिए 317 रनों की विशाल साझेदारी की और दोनों ने शतक लगाए। इसके बावजूद इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए पूरी कीवी टीम को 438 रन पर समेट दिया। इस वापसी में सबसे अहम भूमिका बेन स्टोक्स ने निभाई, जिन्होंने चार महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच का रुख बदलने में मदद की।
यह टेस्ट मैच दोनों टीमों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि तीन मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। ऐसे में यह मुकाबला सीरीज का निर्णायक मैच है। इंग्लैंड को अगर सीरीज अपने नाम करनी है, तो कप्तान बेन स्टोक्स से गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी।
बेन स्टोक्स की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर का सबसे यादगार पड़ाव है, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भी एक विशेष स्थान रखती है। सीमित ओवरों के दौर में जहां ऑलराउंडर्स का महत्व लगातार बढ़ रहा है, वहीं टेस्ट क्रिकेट में इतने लंबे समय तक बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में उच्च स्तर का प्रदर्शन करना बेहद कठिन माना जाता है। यही वजह है कि 7,000 रन और 250 विकेट का यह रिकॉर्ड क्रिकेट जगत में एक बेहद दुर्लभ उपलब्धि माना जाता है।