अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरे की तैयारियां चल रही हैं और इसकी संभावना काफी अधिक है। रुबियो ने भारत को अमेरिका का बेहद करीबी साझेदार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंध दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को और मजबूती देते हैं।
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर रुबियो ने कहा कि भारत लंबे समय से अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में काम कर रहा है और अमेरिका भी इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिका के पास कई संभावित समाधान मौजूद हैं।
रुबियो ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करने की कोशिशों का एक बड़ा उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाना और सहयोगी देशों के लिए ईंधन की उपलब्धता बढ़ाना है। साथ ही उन्होंने बताया कि भारत वेनेज़ुएला के साथ भी ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहा है। भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिनके पास वेनेज़ुएला के भारी कच्चे तेल (Heavy Crude) को रिफाइन करने की क्षमता है।
यदि यह दौरा तय होता है, तो इसे भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और ऊर्जा सहयोग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।