रूस के सुदूर इलाके इस वक्त भीषण ठंड की चपेट में हैं, जहां तापमान -50 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है. इन इलाकों में हालात ऐसे हैं कि कुछ मिनट खुले में रहना भी जानलेवा हो सकता है. इंसान की सांस से निकलने वाली नमी पलभर में बर्फ बन जाती है
जहां एक ओर उत्तर भारत में ठंड और घना कोहरा लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है, वहीं दुनिया के कुछ हिस्सों में हालात इससे कहीं ज्यादा भयावह हैं. रूस के सुदूर इलाके इस वक्त भीषण ठंड की चपेट में हैं, जहां तापमान -50 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है.
इन इलाकों में हालात ऐसे हैं कि कुछ मिनट खुले में रहना भी जानलेवा हो सकता है. इंसान की सांस से निकलने वाली नमी पलभर में बर्फ बन जाती है.
-50 डिग्री के करीब पहुंच चुके 3 इलाके
Berdigestyah (रूस)
तापमान: -52.1°C
साइबेरिया के इस इलाके को इस वक्त दुनिया के सबसे ठंडे स्थानों में गिना जा रहा है.
Tommot (रूस)
तापमान: -52°C
यहां गाड़ियों के इंजन जम रहे हैं और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है.
Verkhoyansk (रूस)
तापमान: -50°C
यह शहर पहले से ही दुनिया के सबसे ठंडे आबाद इलाकों में शामिल रहा है.
रूस के अन्य बेहद ठंडे क्षेत्र
- Buyaga: -47°C
- Iema: -43°C
- Namtsy: -43°C
- Tompo: -30°C
विशेषज्ञों के मुताबिक, ये इलाके Arctic Circle के बेहद करीब स्थित हैं. यहां सूरज की रोशनी बेहद कम समय के लिए मिलती है. बर्फ से ढकी ज़मीन गर्मी को वापस नहीं लौटा पाती. तेज हवाएं ठंड के असर को और बढ़ा देती हैं.
इतनी ठंड में क्या-क्या जम जाता है?
यहां ठंड इतनी ज्यादा है कि आंखों की पलकों पर बर्फ जम जाती है. मोबाइल और कैमरे कुछ ही मिनटों में बंद हो जाते हैं. खुले में रखी धातु से त्वचा चिपक सकती है. 5–10 मिनट में फ्रॉस्टबाइट का खतरा भी बना रहता है.
रूस के कई ठंडे इलाकों में स्कूल बंद किए गए हैं. सार्वजनिक गतिविधियां सीमित कर दी गई हैं और लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है. जब भारत में ठंड का मतलब स्वेटर और हीटर होता है, वहीं इन इलाकों में ठंड जिंदगी और मौत का सवाल बन जाती है.