कोविड-19 और सीमा तनाव के बाद दोबारा शुरू हुई डायरेक्ट एयर सर्विस, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
भारत और चीन के बीच पांच साल के लंबे अंतराल के बाद सीधी हवाई सेवाएं आखिरकार फिर से शुरू हो गई हैं। इस ऐतिहासिक मौके पर, इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo Airlines) ने रविवार, 26 अक्टूबर 2025 को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अपनी पहली डायरेक्ट फ्लाइट (6E 1703) रात 10:07 बजे गुआंगझोउ (Guangzhou) के लिए रवाना की।
लगभग साढ़े तीन घंटे की उड़ान के बाद विमान चीन के दक्षिणी औद्योगिक शहर गुआंगझोउ में उतरा। इस उड़ान में कुल 176 यात्री सवार थे। यह कदम न केवल यात्रा और व्यापार को बढ़ावा देगा बल्कि दोनों देशों के बीच सामान्य होते कूटनीतिक संबंधों का भी प्रतीक है।
पृष्ठभूमि — पांच साल बाद दोबारा जुड़ा भारत-चीन हवाई मार्ग
भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें 2020 में कोविड-19 महामारी और गलवान घाटी में हुए सीमा तनाव के बाद निलंबित कर दी गई थीं। दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव और वीज़ा प्रतिबंधों के कारण हवाई सेवाएं फिर शुरू नहीं हो सकी थीं।
हालांकि, हाल के महीनों में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठकों और उच्च-स्तरीय कूटनीतिक वार्ताओं के बाद दोनों देशों ने आपसी संपर्क को सामान्य करने के संकेत दिए हैं। इसी दिशा में, कोलकाता-गुआंगझोउ डायरेक्ट फ्लाइट की बहाली एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
फ्लाइट शेड्यूल और किराया
इंडिगो की यह सेवा दैनिक (Daily) आधार पर संचालित की जा रही है।
कोलकाता से उड़ान (6E 1703): रात 10:07 बजे रवाना होकर गुआंगझोउ में स्थानीय समयानुसार रात 3:45 बजे पहुंचेगी।
वापसी उड़ान (6E 1704): गुआंगझोउ से सुबह 5:35 बजे उड़कर कोलकाता में सुबह 7:50 बजे (IST) पहुंचेगी।
पहले यात्रियों को हांगकांग, सिंगापुर या दुबई जैसे हब्स के माध्यम से ट्रांजिट करना पड़ता था, लेकिन अब इस डायरेक्ट रूट से यात्रा का समय और खर्च दोनों कम हो गया है।
टिकट की शुरुआती कीमत लगभग ₹11,000 (एकतरफा) रखी गई है, जिससे यात्रियों के लिए यह यात्रा और भी सुलभ बन गई है।
आर्थिक और कूटनीतिक महत्व
यह डायरेक्ट एयर कनेक्टिविटी केवल यात्रा सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत-चीन संबंधों में सुधार की दिशा में एक अहम संकेत है।
दोनों देश एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से हैं, और व्यापारिक संबंधों में सुधार दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
गुआंगझोउ चीन का एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और बिज़नेस हब है, जबकि कोलकाता पूर्वी भारत का व्यापारिक द्वार माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस उड़ान के शुरू होने से दोनों देशों के व्यापारिक, शैक्षणिक और पर्यटन संबंधों को नई गति मिलेगी।
छात्रों, व्यापारियों और मेडिकल यात्रियों के लिए भी यह सेवा उपयोगी साबित होगी।
आगे की योजनाएं
इंडिगो ने घोषणा की है कि वह 10 नवंबर 2025 से दिल्ली-गुआंगझोउ रूट पर भी डायरेक्ट उड़ान शुरू करेगी।
इसके अलावा, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस भी 9 नवंबर से शंघाई-दिल्ली रूट पर उड़ानें शुरू करने जा रही है।
एयर इंडिया की भी योजना है कि वह जल्द ही बीजिंग और शंघाई के लिए अपनी सेवाएं बहाल करे।
इन सभी कदमों से भारत-चीन के बीच संपर्क और सहयोग और गहरा होगा।
निष्कर्ष
भारत-चीन के बीच सीधी उड़ानों की बहाली केवल एक हवाई संपर्क नहीं, बल्कि विश्वास और साझेदारी की नई शुरुआत है।
कोलकाता-गुआंगझोउ डायरेक्ट फ्लाइट के सफल संचालन से यात्रियों को यात्रा में सुविधा मिलेगी और व्यापारिक रिश्तों में मजबूती आएगी।
यह कदम दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकता है।