पाकिस्तान और तालिबान में शांति वार्ता फेल! खिसियाए पाक की जुबान पर अब क्यों आया भारत के मंदिरों का नाम

75 0

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर अफगानिस्तान ने इस्लामाबाद की ओर देखा भी, तो हम उनकी आंखें निकाल लेंगे।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान को चलाने वाली तालिबान के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर फेल हो गया है और दोनों ही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने कहा है कि अफगानिस्तान के साथ स्थायी संघर्ष विराम के लिए बातचीत “कोई व्यावहारिक समाधान लाने में विफल रही” और चेतावनी दी कि वह अपने लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाएगा। कतर और तुर्की की मध्यस्थता में इस्तांबुल में चार दिनों की बातचीत के बाद पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, “अफगानिस्तान ने कोई आश्वासन नहीं दिया, मूल मुद्दे से भटकता रहा और आरोप-प्रत्यारोप, ध्यान भटकाने और चालाकी का सहारा लिया इस प्रकार बातचीत कोई व्यावहारिक समाधान लाने में विफल रही।”

वहीं अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। उसने कहा है कि अगर आने वाले समय कोई भी सैन्य हमले हुआ तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। अफगानिस्तान मीडिया आउटलेट एरियाना न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान की तरफ से कुछ अनुचित और अस्वीकार्य मांगें रखीं। इनमें काबुल से पाकिस्तान के खिलाफ सक्रिय सशस्त्र लोगों को वापस बुलाने और उन पर नियंत्रण करने की अपील भी शामिल है। इसे अफगान पक्ष ने अस्वीकार कर दिया। इसमें आगे कहा गया है कि अगर पाकिस्तान अफगान धरती पर हवाई हमले करता है तो अफगान सेना इस्लामाबाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।

पाकिस्तान खोज रहा भारत वाला एंगल

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार वहां के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर बिना मतलब भारत को इसमें घसीटने की कोशिश की है। ख्वाजा आसिफ का कहना है कि काबुल सरकार के पास अधिकार की कमी है, क्योंकि यह भारत ने उसमें “घुसपैठ” किया है और इस्लामाबाद के खिलाफ छद्म युद्ध करने के लिए अफगानिस्तान का उपयोग कर रहा है। अपने बेतुके बयान में आसिफ ने कहा, “भारत काबुल के माध्यम से हार का बदला ले रहा है। वहां (अफगानिस्तान में) जुंटा में ऐसे तत्व हैं जिन्होंने भारत का दौरा किया है और उनके मंदिरों का दौरा किया है भारत पाकिस्तान के साथ कम तीव्रता वाले युद्ध में शामिल होना चाहता है। इसे हासिल करने के लिए वे काबुल का इस्तेमाल कर रहे हैं।”

जब आसिफ से कहा गया कि अगर अफगानिस्तान इस्लामाबाद पर हमला करेगा तो? इसपर आसिफ ने जवाब दिया: “अगर अफगानिस्तान ने इस्लामाबाद की ओर देखा भी, तो हम उनकी आंखें निकाल लेंगे।”

 

पाकिस्तान और अफगानिस्तान को चलाने वाली तालिबान के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर फेल हो गया है और दोनों ही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने कहा है कि अफगानिस्तान के साथ स्थायी संघर्ष विराम के लिए बातचीत “कोई व्यावहारिक समाधान लाने में विफल रही” और चेतावनी दी कि वह अपने लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाएगा। कतर और तुर्की की मध्यस्थता में इस्तांबुल में चार दिनों की बातचीत के बाद पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  पर कहा, “अफगानिस्तान ने कोई आश्वासन नहीं दिया, मूल मुद्दे से भटकता रहा और आरोप-प्रत्यारोप, ध्यान भटकाने और चालाकी का सहारा लिया  इस प्रकार बातचीत कोई व्यावहारिक समाधान लाने में विफल रही।”

वहीं अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। उसने कहा है कि अगर आने वाले समय कोई भी सैन्य हमले हुआ तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। अफगानिस्तान मीडिया आउटलेट एरियाना न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान की तरफ से कुछ अनुचित और अस्वीकार्य मांगें रखीं। इनमें काबुल से पाकिस्तान के खिलाफ सक्रिय सशस्त्र लोगों को वापस बुलाने और उन पर नियंत्रण करने की अपील भी शामिल है। इसे अफगान पक्ष ने अस्वीकार कर दिया। इसमें आगे कहा गया है कि अगर पाकिस्तान अफगान धरती पर हवाई हमले करता है तो अफगान सेना इस्लामाबाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।

पाकिस्तान खोज रहा भारत वाला एंगल

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार वहां के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर बिना मतलब भारत को इसमें घसीटने की कोशिश की है। ख्वाजा आसिफ का कहना है कि काबुल सरकार के पास अधिकार की कमी है, क्योंकि यह भारत ने उसमें “घुसपैठ” किया है और इस्लामाबाद के खिलाफ छद्म युद्ध करने के लिए अफगानिस्तान का उपयोग कर रहा है। अपने बेतुके बयान में आसिफ ने कहा, “भारत काबुल के माध्यम से हार का बदला ले रहा है। वहां (अफगानिस्तान में) जुंटा में ऐसे तत्व हैं जिन्होंने भारत का दौरा किया है और उनके मंदिरों का दौरा किया है भारत पाकिस्तान के साथ कम तीव्रता वाले युद्ध में शामिल होना चाहता है। इसे हासिल करने के लिए वे काबुल का इस्तेमाल कर रहे हैं।”

जब आसिफ से कहा गया कि अगर अफगानिस्तान इस्लामाबाद पर हमला करेगा तो? इसपर आसिफ ने जवाब दिया: “अगर अफगानिस्तान ने इस्लामाबाद की ओर देखा भी, तो हम उनकी आंखें निकाल लेंगे।”

Related Post

मोसाद को नया मुखिया मिला, लेकिन बिना किसी इंटेलिजेंस अनुभव के—कौन हैं वे?

Posted by - December 5, 2025 0
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा फैसला लिया है। पीएम नेतन्याहू ने मेजर जनरल रोमन गोफमैन को मोसाद की…

ईरान से तेल व्यापार पर और सख्त हुए ट्रंप, भारत की 2 कंपनियों और दो कारोबारियों पर लगा दिए प्रतिबंध

Posted by - November 21, 2025 0
अमेरिका का आरोप है कि दोनों भारतीय कंपनियों ने ऐसे नेटवर्क में भाग लिया जिसने अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करके…

पाकिस्तान: इस्लामाबाद ब्लास्ट की जांच कहां तक पहुंची? ऐप पर बाइक बुक करके पहुंचा था फिदायीन हमलावर

Posted by - November 13, 2025 0
Pakistan Suicide Blast: इस्लामाबाद में एक न्यायिक परिसर के बाहर एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था, जिसमें…

अमेरिका और भारत के बीच रक्षा समझौते से दोनों देशों में से किसका ज़्यादा फ़ायदा

Posted by - November 1, 2025 0
भारत और अमेरिका के बीच अगले 10 साल में रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए एक फ़्रेमवर्क को लेकर समझौता हुआ…

श्रीलंका में ‘जल प्रलय’… मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही, अब तक 31 की मौत, 14 लापता

Posted by - November 27, 2025 0
श्रीलंका में कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश, बाढ़ और विनाशकारी भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इन…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *