मोसाद को नया मुखिया मिला, लेकिन बिना किसी इंटेलिजेंस अनुभव के—कौन हैं वे?

84 0

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा फैसला लिया है। पीएम नेतन्याहू ने मेजर जनरल रोमन गोफमैन को मोसाद की कमान सौंपने का फैसला लिया है। गोफमैन का इंटेलिजेंस के क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं है।

Israel New Mossad Chief: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए मोसाद की कमान मेजर जनरल रोमन गोफमैन को सौंप दी है। गोफमैन का विदेशी खुफिया क्षेत्र में कोई पूर्व अनुभव नहीं है। वह मौजूदा मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है।

क्यों चर्चा में हैं रोमन गोफमैन

रोमन गोफमैन (49) का जन्म 1976 में बेलारूस में हुआ था। 14 साल की उम्र में वह इजरायल आ गए थे। 1995 में उन्होंने इजरायली सेना की बख्तरबंद कोर को ज्वाइन किया और लंबी सेवा दी। 7 अक्टूबर 2023 के हमास ने जब इजरायल पर आतंकी हमला किया था तो उस समय वो नेशनल इन्फैंट्री ट्रेनिंग सेंटर के कमांडर थे। उसी दिन गाजा सीमा के पास स्डेरोट शहर में हमास के आतंकियों से लड़ते हुए वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गोफमैन को अप्रैल 2024 में प्रधानमंत्री नेतन्याहू का सैन्य सचिव बनाया गया था।

नेतन्याहू ने जताया भरोसा

गोफमैन की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब हाल ही में नेतन्याहू ने शिन बेट (घरेलू सुरक्षा एजेंसी) के प्रमुख के रूप में धार्मिक जियोनिस्ट आंदोलन से जुड़े डेविड जिओनी को चुना था, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद हुआ था। गोफमैन भी कब्जे वाले वेस्ट बैंक की कुख्यात दक्षिणपंथी धार्मिक बस्ती एली येशिवा के पूर्व छात्र हैं, हालांकि वह सार्वजनिक रूप से यार्मुल्के (यहूदी टोपी) नहीं पहनते हैं। विपक्षी और कुछ मीडिया हलकों में इस नियुक्ति को ‘वफादारी पर आधारित राजनीतिक नियुक्ति’ करार दिया जा रहा है।

मोसाद चीफ की नियुक्ति पर मचा बवाल

प्रमुख वामपंथी अखबार हआरेट्ज के स्तंभकार उरी मिसगाव ने गोफमैन को ‘खुफिया अनुभव की कमी के कारण मोसाद का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह अयोग्य’ बताया। उन्होंने दावा किया कि जिओनी की तरह गोफमैन की नियुक्ति का मुख्य आधार भी नेतन्याहू के प्रति उनकी निजी वफादारी है। नेतन्याहू के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा, ‘मेजर जनरल गोफमैन असाधारण रूप से योग्य अधिकारी हैं। युद्धकाल में प्रधानमंत्री के सैन्य सचिव के रूप में उनकी भूमिका ने उनकी बेहतरीन पेशेवर क्षमताओं को साबित किया है।’

मोसाद ने खुद को साबित किया

गौरतलब है कि, 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की खुफिया नाकामी के लिए मोसाद को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया था, क्योंकि फिलिस्तीनी क्षेत्र उसके परंपरागत ऑपरेशन क्षेत्र से बाहर माने जाते हैं। इसके बाद मोसाद ने हिजबुल्लाह के खिलाफ ऑपरेशनों (पेजर विस्फोट) और जून 2025 में ईरान के साथ 12 दिनों की जंग में अपनी क्षमताओं को साबित किया है।

Related Post

न्यूयॉर्क में 10 लाख घरों का किराया नहीं बढ़ेगा, मेयर जोहरान ममदानी ने पूरा किया बड़ा चुनावी वादा

Posted by - June 26, 2026 0
अमेरिका के सबसे महंगे शहरों में शामिल न्यूयॉर्क में किरायेदारों को बड़ी राहत मिली है। शहर के मेयर जोहरान ममदानी…

Israel-Hamas War: फिलिस्तीनियों की मौत का आंकड़ा पहुंचा 69,000 के पार, इजरायल ने लौटाए 15 और लोगों के शव

Posted by - November 10, 2025 0
इजरायल-हमास युद्ध में फिलिस्तीनियों की मौत का आंकड़ा अब 69 हजार के पार पहुंच गया है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों…

CIA को ईरान की नीयत पर शक! ट्रंप को दी चेतावनी, अमेरिका-ईरान डील पर बढ़ी चिंता

Posted by - June 16, 2026 0
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने के लिए प्रस्तावित समझौते को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। अमेरिकी खुफिया…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *