मोसाद को नया मुखिया मिला, लेकिन बिना किसी इंटेलिजेंस अनुभव के—कौन हैं वे?

68 0

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा फैसला लिया है। पीएम नेतन्याहू ने मेजर जनरल रोमन गोफमैन को मोसाद की कमान सौंपने का फैसला लिया है। गोफमैन का इंटेलिजेंस के क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं है।

Israel New Mossad Chief: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए मोसाद की कमान मेजर जनरल रोमन गोफमैन को सौंप दी है। गोफमैन का विदेशी खुफिया क्षेत्र में कोई पूर्व अनुभव नहीं है। वह मौजूदा मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है।

क्यों चर्चा में हैं रोमन गोफमैन

रोमन गोफमैन (49) का जन्म 1976 में बेलारूस में हुआ था। 14 साल की उम्र में वह इजरायल आ गए थे। 1995 में उन्होंने इजरायली सेना की बख्तरबंद कोर को ज्वाइन किया और लंबी सेवा दी। 7 अक्टूबर 2023 के हमास ने जब इजरायल पर आतंकी हमला किया था तो उस समय वो नेशनल इन्फैंट्री ट्रेनिंग सेंटर के कमांडर थे। उसी दिन गाजा सीमा के पास स्डेरोट शहर में हमास के आतंकियों से लड़ते हुए वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गोफमैन को अप्रैल 2024 में प्रधानमंत्री नेतन्याहू का सैन्य सचिव बनाया गया था।

नेतन्याहू ने जताया भरोसा

गोफमैन की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब हाल ही में नेतन्याहू ने शिन बेट (घरेलू सुरक्षा एजेंसी) के प्रमुख के रूप में धार्मिक जियोनिस्ट आंदोलन से जुड़े डेविड जिओनी को चुना था, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद हुआ था। गोफमैन भी कब्जे वाले वेस्ट बैंक की कुख्यात दक्षिणपंथी धार्मिक बस्ती एली येशिवा के पूर्व छात्र हैं, हालांकि वह सार्वजनिक रूप से यार्मुल्के (यहूदी टोपी) नहीं पहनते हैं। विपक्षी और कुछ मीडिया हलकों में इस नियुक्ति को ‘वफादारी पर आधारित राजनीतिक नियुक्ति’ करार दिया जा रहा है।

मोसाद चीफ की नियुक्ति पर मचा बवाल

प्रमुख वामपंथी अखबार हआरेट्ज के स्तंभकार उरी मिसगाव ने गोफमैन को ‘खुफिया अनुभव की कमी के कारण मोसाद का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह अयोग्य’ बताया। उन्होंने दावा किया कि जिओनी की तरह गोफमैन की नियुक्ति का मुख्य आधार भी नेतन्याहू के प्रति उनकी निजी वफादारी है। नेतन्याहू के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा, ‘मेजर जनरल गोफमैन असाधारण रूप से योग्य अधिकारी हैं। युद्धकाल में प्रधानमंत्री के सैन्य सचिव के रूप में उनकी भूमिका ने उनकी बेहतरीन पेशेवर क्षमताओं को साबित किया है।’

मोसाद ने खुद को साबित किया

गौरतलब है कि, 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की खुफिया नाकामी के लिए मोसाद को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया था, क्योंकि फिलिस्तीनी क्षेत्र उसके परंपरागत ऑपरेशन क्षेत्र से बाहर माने जाते हैं। इसके बाद मोसाद ने हिजबुल्लाह के खिलाफ ऑपरेशनों (पेजर विस्फोट) और जून 2025 में ईरान के साथ 12 दिनों की जंग में अपनी क्षमताओं को साबित किया है।

Related Post

‘अमेरिकी वर्कर्स को ट्रेन करो और घर जाओ…’ ट्रंप सरकार का नया H-1B वीजा प्लान; भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा असर!

Posted by - November 13, 2025 0
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई वीजा पॉलिसी ने एक बार फिर भारतीय IT सेक्टर को चिंतित कर दिया है।…

नीदरलैंड्स में दक्षिणपंथी झटके के बाद राजनीतिक केंद्र की वापसी — D66 और फ्रीडम पार्टी में कांटे की टक्कर

Posted by - October 30, 2025 0
नीदरलैंड्स के संसदीय चुनावों में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है, जहां दक्षिणपंथी उभार के बाद देश अब…

दुनिया में मचेगी तबाही! ग्लोबल वार्मिंग को अब 1.5C से नीचे रखना असंभव- यह नई रिपोर्ट डराती है

Posted by - November 13, 2025 0
ग्लोबल वार्मिंग में 1.5 डिग्री सेल्सियस, औद्योगिकीकरण से पहले के स्तर की तुलना में पृथ्वी के औसत तापमान में 1.5…

भूकंप के तेज झटकों से हिल गया पाकिस्तान, जानें रिक्टर स्केल पर कितनी रही तीव्रता

Posted by - November 22, 2025 0
भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में शुक्रवार को तड़के तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। आइए जानते हैं…

फिर भिड़ने जा रहे थे ये दोनों पड़ोसी देश? ट्रंप ने कहा- ‘मैंने आज ही एक जंग रुकवाई है’

Posted by - November 15, 2025 0
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दो पड़ोसी देशों के बीच हालिया झड़प को रोक कर जंग टाल दी।…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *