मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर मचे सियासी घमासान पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भाजपा के संगठन और अनुशासन पर सवाल उठाए हैं।
पवन खेड़ा का BJP पर हमला
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा,
“नरोत्तम मिश्रा की टिकट क्या कटी, बीजेपी की पोल खुल गई। जो पार्टी हर रोज़ दूसरों को अनुशासन और उच्च चरित्र का पाठ पढ़ाती है, आज अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी के खिलाफ हंगामा और पथराव करते नजर आ रहे हैं। दूसरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत।”
खेड़ा ने आगे तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता अब एक-दूसरे को “बधाई हो, लोकतंत्र हुआ है” कह रहे हैं।
टिकट बदलने से बढ़ा विवाद
भाजपा ने दतिया उपचुनाव के लिए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। आशुतोष तिवारी को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का करीबी माना जाता है। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं और संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा था कि नरोत्तम मिश्रा इस सीट से भाजपा के सबसे मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था और चुनावी तैयारियां शुरू कर दी थीं। ऐसे में अंतिम समय पर उनका टिकट कटना पार्टी के भीतर असंतोष की बड़ी वजह बन गया।
समर्थकों का विरोध प्रदर्शन
उम्मीदवार की घोषणा के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थक सड़कों पर उतर आए। विरोध प्रदर्शन के दौरान नेशनल हाईवे-44 पर करीब 11 घंटे तक जाम लगा रहा, जिससे आसपास के कई जिलों में यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प भी हुई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर सामने आई।
नरोत्तम मिश्रा ने की शांति की अपील
विवाद बढ़ने के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने खुद सामने आकर अपने समर्थकों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी के फैसले का सम्मान करने और किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शन से बचने की बात कही।
हालांकि, टिकट को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। कांग्रेस इसे भाजपा के अंदरूनी मतभेद का उदाहरण बता रही है, जबकि भाजपा इस मामले को शांत करने की कोशिश में जुटी है।