अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में स्कूली बच्चों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। भारतीय मूल के मेयर जोहरान ममदानी ने 2 सितंबर को इसकी घोषणा की। यह रोक एक साल के लिए लागू होगी और इसका असर आठवीं कक्षा तक के पब्लिक स्कूलों के करीब 6 लाख छात्रों पर पड़ेगा।
न्यूयॉर्क का स्कूल बोर्ड अमेरिका का सबसे बड़ा स्कूल बोर्ड है, इसलिए इस फैसले पर पूरे देश की नजर रहेगी।
🤖 बच्चों के लिए AI पर क्यों लगी रोक?
मेयर ममदानी के मुताबिक, यह फैसला बच्चों की शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए लिया गया है। उनका कहना है कि बच्चों को सीखने और आगे बढ़ने के लिए शिक्षकों तथा मानवीय जुड़ाव की जरूरत होती है।
बच्चों के लिए अपने साथियों के साथ कौशल विकसित करना, शिक्षकों के साथ संबंध बनाना और कठिन समस्याओं को खुद हल करना भी जरूरी बताया गया है।
🎓 हाई स्कूल के छात्रों को मिलेगी सीमित छूट
हाई स्कूल के छात्रों को एक सीमित पायलट प्रोग्राम के तहत AI इस्तेमाल करने की अनुमति होगी। उन्हें साल में दो बार AI साक्षरता की कक्षाएं भी दी जाएंगी।
वहीं, खास तौर पर भावनात्मक या दोस्ताना सहयोग के लिए बनाए गए कम्पैनियन चैटबॉट्स पर सभी कक्षाओं में रोक रहेगी।
👨🏫 शिक्षकों को AI इस्तेमाल करने की अनुमति
छात्रों के विपरीत, न्यूयॉर्क के शिक्षकों को लेसन प्लानिंग और शैक्षणिक कार्यों के लिए AI का इस्तेमाल करने की अनुमति होगी।
2026-27 के अकादमिक वर्ष के दौरान छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों, निर्वाचित अधिकारियों और इंडस्ट्री विशेषज्ञों की एक टास्क फोर्स इस फैसले के प्रभाव का आकलन करेगी और अपनी रिपोर्ट जारी करेगी।
📋 पहले नियमों में दी गई थी ज्यादा छूट
नए नियम मार्च में जारी शुरुआती AI फ्रेमवर्क के बाद आए हैं। उस फ्रेमवर्क में छात्रों को रिसर्च, खोज और क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स के लिए AI इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी।
हालांकि, कई अभिभावकों और शिक्षकों ने इसे बहुत ज्यादा ढील वाला नियम बताया था। इसके बाद स्कूल अधिकारियों ने मिले फीडबैक की समीक्षा करने और भविष्य के नियमों में उसे शामिल करने की बात कही।
🇺🇸 गवर्नर ने भी जताई जिम्मेदारी
न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल इस तरह होना चाहिए कि वह बच्चों और उनकी शिक्षा में मदद करे, बाधा नहीं बने।