कैसे संभाले रिश्तों को इस छोटी सी कहानी से जानिये

80 2
एक जौहरी के निधन के बाद उसका परिवार संकट में पड़ गया। खाने के भी लाले पड़ गए। एक दिन उसकी पत्नी ने अपने बेटे को नीलम का एक हार देकर कहा- ‘बेटा, इसे अपने चाचा की दुकान पर ले जाओ।
 
कहना इसे बेचकर कुछ रुपये दे दें।
 
बेटा वह हार लेकर चाचा जी के पास गया।
 
चाचा ने हार को अच्छी तरह से देख परखकर कहा- बेटा, मां से कहना कि अभी बाजार बहुत मंदा है। थोड़ा रुककर बेचना, अच्छे दाम मिलेंगे।
 
उसे थोड़े से रुपये देकर कहा कि तुम कल से दुकान पर आकर बैठना।
 
अगले दिन से वह लड़का रोज दुकान पर जाने लगा और वहां हीरों रत्नो की परख का काम सीखने लगा।
 
एक दिन वह बड़ा पारखी बन गया। लोग दूर-दूर से अपने हीरे की परख कराने आने लगे।
 
एक दिन उसके चाचा ने कहा, बेटा अपनी मां से वह हार लेकर आना और कहना कि अब बाजार बहुत तेज है, उसके अच्छे दाम मिल जाएंगे।
 
मां से हार लेकर उसने परखा तो पाया कि वह तो नकली है। वह उसे घर पर ही छोड़ कर दुकान लौट आया।
 
चाचा ने पूछा, हार नहीं लाए?
 
उसने कहा, वह तो नकली था।
 
तब चाचा ने कहा- जब तुम पहली बार हार लेकर थे, तब मैं उसे नकली बता देता तो तुम सोचते कि आज हम पर बुरा वक्त आया तो चाचा हमारी चीज को भी नकली बताने लगे। आज जब तुम्हें खुद ज्ञान हो गया तो पता चल गया कि हार सचमुच नकली है।
 
सच यह है कि ज्ञान के बिना इस संसार में हम जो भी सोचते, देखते और जानते हैं, सब गलत है। और ऐसे ही गलतफहमी का शिकार होकर बैठ जाते है और रिश्ते ख़राब कर लेते है, इसलिए रिश्तों को बड़ा संभाल कर रखिये, यह टूटने के बाद वापस नहीं जुड़ पाते.
अगर आपको अच्छी लगी हो तो कृपया लाइक और शेयर जरुर करें.

Related Post

साल के आखिरी बड़ा मंगल पर करें ये खास पूजा, बरसेगा बजरंग बली का आशीर्वाद

Posted by - June 23, 2026 0
हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवार, जिन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है, भगवान हनुमान की विशेष…

देवार्क सूर्य मंदिर, सूर्य उपासना का एक अत्यंत प्राचीन और प्रसिद्ध स्थल है।

Posted by - October 27, 2025 0
बिहार के औरंगाबाद जिले में स्थित देवार्क सूर्य मंदिर, सूर्य उपासना का एक अत्यंत प्राचीन और प्रसिद्ध स्थल है। यह मंदिर…

उठो देव बैठो देव, पाटकली चटकाओ देव…देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु को जगाने का मंत्र और भजन यहां देखें

Posted by - November 1, 2025 0
Dev Uthani Ekadashi Bhajan And Mantra (उठो देव बैठो देव लिरिक्स): देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी…

There are 2 comments

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *