अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) और असम राइफल्स में सरकारी नौकरी का बड़ा अवसर खुल गया है। केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि CAPFs और असम राइफल्स की भर्ती में अग्निवीरों को 50 प्रतिशत तक आरक्षण, आयु सीमा में छूट और भर्ती प्रक्रिया में कई विशेष रियायतें दी जाएंगी। ऐसे में कई युवाओं के मन में सवाल है कि भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों (CAPFs) की नौकरी में क्या अंतर होता है और किसमें करियर की संभावनाएं बेहतर हैं।
भारतीय सेना देश की बाहरी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है और यह रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करती है। युद्ध, सीमाओं की सुरक्षा, प्राकृतिक आपदा और राष्ट्रीय आपातकाल जैसी परिस्थितियों में सेना की भूमिका सबसे अहम होती है। भारतीय सेना तीन भागों—थल सेना, नौसेना और वायु सेना—में विभाजित है।
वहीं, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं। इनका मुख्य काम देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखना, सीमाओं की निगरानी, नक्सल विरोधी अभियान, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, वीआईपी सुरक्षा और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा करना है। CAPFs के अंतर्गत BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB और असम राइफल्स जैसे बल शामिल हैं।
हर बल की जिम्मेदारी अलग-अलग होती है। BSF पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा करती है, CRPF नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में तैनात रहती है। CISF एयरपोर्ट, मेट्रो, सरकारी और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा संभालती है। ITBP भारत-चीन सीमा की निगरानी करता है, जबकि SSB नेपाल और भूटान सीमा की सुरक्षा का जिम्मा निभाता है। असम राइफल्स पूर्वोत्तर राज्यों और म्यांमार सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था संभालती है।
अगर वेतन की बात करें तो भारतीय सेना में सिपाही स्तर पर शुरुआती वेतन करीब 30 हजार रुपये से शुरू होता है, जिसमें पोस्टिंग के अनुसार विभिन्न भत्ते भी शामिल होते हैं। वहीं CAPFs में कांस्टेबल (Pay Level-3) की बेसिक सैलरी 21,700 रुपये होती है और भत्तों को मिलाकर कुल मासिक वेतन लगभग 45 हजार रुपये या उससे अधिक हो सकता है। कठिन क्षेत्रों में पोस्टिंग होने पर अतिरिक्त भत्ते भी दिए जाते हैं।
पेंशन व्यवस्था की बात करें तो सेना और CAPFs दोनों में नई भर्ती होने वाले कर्मियों पर अब पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू नहीं होती। सभी नए कर्मचारी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आते हैं।
सरकार के नए फैसले के बाद अग्निवीरों को CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती के दौरान बड़ा फायदा मिलेगा। उन्हें 50 प्रतिशत तक आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट, सैन्य प्रशिक्षण का लाभ और शारीरिक दक्षता के आधार पर प्राथमिकता मिलेगी। इससे चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए स्थायी सरकारी नौकरी पाने का रास्ता काफी आसान हो जाएगा।