योग: कर्मसु कौशलम् – कर्म में कुशलता ही योग है
भगवद्गीता का प्रसिद्ध संस्कृत वाक्यांश “योगः कर्मसु कौशलम्” गहन जीवन-दर्शन को व्यक्त करता है। इसका सरल अर्थ है – “कर्म में कुशलता ही योग है”। यह विचार हमें यह सिखाता…
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