नई दिल्ली, 4 नवंबर 2025 — हवाई यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हवाई टिकट रिफंड और रद्दीकरण से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। अगर यह नियम लागू होता है, तो यात्री टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर बिना कोई अतिरिक्त शुल्क चुकाए टिकट को रद्द या संशोधित कर सकेंगे।
🔹 क्या है नया प्रस्ताव
DGCA के अनुसार, एयरलाइंस को टिकट बुक करने के बाद यात्रियों को 48 घंटे का “लुक-इन विकल्प” देना होगा। इस अवधि में:
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यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट को रद्द या संशोधित कर सकते हैं।
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केवल उस उड़ान के लिए सामान्य किराया लागू होगा, जिसके लिए टिकट बदला गया है।
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यह सुविधा घरेलू उड़ानों में तभी लागू होगी जब उड़ान में 5 दिन या उससे अधिक का समय हो, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह 15 दिन या उससे अधिक पहले बुक की गई टिकटों पर लागू होगी।
🔹 एजेंट से खरीदे टिकटों पर भी नियम लागू
DGCA ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि अगर टिकट ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए खरीदा गया है, तो रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की होगी, क्योंकि एजेंट एयरलाइन के “अधिकृत प्रतिनिधि” माने जाएंगे।
इसके साथ ही, एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि रिफंड 21 कार्य दिवसों के भीतर यात्रियों को मिल जाए।
🔹 टिकट में नाम या गलती सुधारने का प्रावधान
मसौदा नियमों के अनुसार, अगर टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से खरीदा गया है और यात्री 24 घंटे के भीतर कोई त्रुटि बताता है, तो उसी व्यक्ति के नाम में सुधार बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के किया जा सकेगा।
🔹 मेडिकल इमरजेंसी पर भी राहत
DGCA ने यह भी सुझाव दिया है कि अगर किसी यात्री को चिकित्सकीय आपात स्थिति में टिकट रद्द करनी पड़े, तो एयरलाइन या तो पूरा पैसा वापस करे या फिर क्रेडिट शेल जारी करे, जिससे यात्री बाद में यात्रा कर सके।
🔹 क्यों आया यह प्रस्ताव
DGCA का यह कदम यात्रियों की लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए उठाया गया है। यात्रियों का कहना था कि रद्दीकरण शुल्क और रिफंड प्रक्रिया को लेकर एयरलाइंस के नियम जटिल और असमान हैं।
अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो यह यात्रियों के हित में एक बड़ी सुधारात्मक पहल साबित होगी, जो हवाई यात्रा को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-अनुकूल बनाएगी।