अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने के लिए प्रस्तावित समझौते को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसी Central Intelligence Agency (CIA) के निदेशक John Ratcliffe ने ईरान की मंशा पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति Donald Trump और उनके वरिष्ठ अधिकारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं कि ईरान सार्वजनिक रूप से जिन शर्तों पर सहमति जताता दिखाई दे रहा है, आंतरिक स्तर पर उसके रुख को लेकर संदेह बना हुआ है। CIA का मानना है कि समझौते और ईरान की वास्तविक रणनीति के बीच अंतर हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, जॉन रैटक्लिफ ने राष्ट्रपति ट्रंप को जानकारी दी कि परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी कुछ अहम शर्तों को लेकर ईरान भविष्य में अलग रुख अपना सकता है। इसी वजह से अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी समझौते को लेकर चिंता व्यक्त की है।
बताया जा रहा है कि व्हाइट हाउस में इस मुद्दे पर कई उच्चस्तरीय बैठकें हुईं, जिनमें समझौते के संभावित जोखिमों और सुरक्षा पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि अंतिम निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप के हाथ में है।
वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन के भीतर इस डील को लेकर मतभेद की खबरें भी सामने आई हैं। उपराष्ट्रपति JD Vance, विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner कथित तौर पर समझौते के पक्ष में बताए जा रहे हैं, जबकि सुरक्षा एजेंसियों के कुछ वरिष्ठ अधिकारी अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी बड़े फैसले से पहले सभी पक्षों की राय सुनते हैं और उपलब्ध खुफिया सूचनाओं का मूल्यांकन करते हैं। अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि ईरान भविष्य में परमाणु हथियार विकसित न कर सके और उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम का भंडारण न कर पाए।
अब दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले अंतिम समझौते पर टिकी हैं, क्योंकि इसका असर केवल दोनों देशों पर ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है।