नई दिल्ली, 1 नवंबर 2025: एक भारतीय वरिष्ठ तकनीकी इंजीनियर की अमेरिका यात्रा उस समय अधूरी रह गई जब नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने उन्हें बी1/बी2 वीज़ा देने से सिर्फ एक मिनट के भीतर इनकार कर दिया। क्लाउड नेटिव प्लेटफ़ॉर्म पर काम करने वाले इस भारतीय पेशेवर ने अपना अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म रेडिट (Reddit) पर साझा किया, जो अब आईटी समुदाय में चर्चा का विषय बना हुआ है।
“सिर्फ तीन सवालों के बाद अस्वीकृति”
पोस्ट के अनुसार, यह इंजीनियर एक कंपनी में वरिष्ठ तकनीकी प्रमुख (Senior Technical Lead) हैं और उनका सालाना वेतन करीब ₹1 करोड़ है। वे KubeCon + CloudNativeCon 2025, जो अटलांटा (जॉर्जिया, अमेरिका) में आयोजित होने वाला एक अंतरराष्ट्रीय टेक सम्मेलन है, में भाग लेने के इच्छुक थे।
उन्होंने लिखा —
“आज मेरा बी1/बी2 वीज़ा इंटरव्यू दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में था। अधिकारी ने मुझसे सिर्फ तीन सवाल पूछे और एक मिनट से भी कम समय में वीज़ा अस्वीकार कर दिया गया। मैं समझने की कोशिश कर रहा हूँ कि गलती कहाँ हुई और अगली बार इसे कैसे सुधार सकता हूँ।”
अधिकारी ने उनसे यात्रा का उद्देश्य, पहले की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और अमेरिका में रिश्तेदार या परिचितों के बारे में पूछा था। इंजीनियर का कहना है कि उनका कोई पारिवारिक संपर्क अमेरिका में नहीं है, और उनकी यात्रा केवल तकनीकी सम्मेलन में भाग लेने के लिए थी।
आईटी समुदाय की प्रतिक्रियाएँ
रेडिट पर कई तकनीकी विशेषज्ञों ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। कुछ ने कहा कि यह संभवतः “कम वीज़ा स्वीकृति दर” का परिणाम है, जबकि अन्य ने सुझाव दिया कि उन्होंने शायद सम्मेलन के व्यावसायिक उद्देश्य को पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं किया होगा।
एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “यूएस दूतावास अक्सर उन आवेदनों को अस्वीकार कर देता है, जिनमें उन्हें लगता है कि व्यक्ति सम्मेलन के बाद वापस नहीं लौटेगा।”
पारिवारिक और पेशेवर पृष्ठभूमि
पोस्ट के अनुसार, इंजीनियर की 8 महीने की बेटी है और वह भारत में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पहले कई देशों की यात्राएँ की हैं, और उनका उद्देश्य केवल अपने क्षेत्र की नवीनतम तकनीकी प्रवृत्तियों से अवगत रहना था।
वीज़ा अस्वीकृति के बढ़ते मामले
हाल के महीनों में, कई भारतीय पेशेवरों ने यूएस वीज़ा इंटरव्यू में अस्वीकृति की शिकायत की है। विशेष रूप से बी1/बी2 (बिजनेस/टूरिस्ट वीज़ा) श्रेणी में अमेरिकी दूतावासों द्वारा तेज़ निर्णय और सीमित स्पष्टीकरण दिए जाने की प्रवृत्ति देखी गई है।