चीन की प्रतिष्ठित गाओकाओ (Gaokao) परीक्षा केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं, बल्कि करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों के सपनों का प्रतीक मानी जाती है। हर साल जून में आयोजित होने वाली इस परीक्षा के दौरान पूरे देश का माहौल बदल जाता है और इससे जुड़ी कई अनोखी परंपराएं देखने को मिलती हैं।
इन परंपराओं में सबसे दिलचस्प है परीक्षा के दिन माताओं का लाल रंग के कपड़े पहनना। चीन में लाल रंग को शुभता, सफलता और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। कई परिवारों का विश्वास है कि लाल रंग बच्चों के लिए सकारात्मक ऊर्जा और सफलता लेकर आता है। इसी वजह से गाओकाओ के दौरान परीक्षा केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में माएं लाल कपड़ों में नजर आती हैं।
इसके अलावा कुछ पिता पारंपरिक शुभ संकेतों के रूप में विशेष परिधान पहनते हैं, जबकि परिवार के सदस्य बच्चों को सफलता की शुभकामनाएं देने के लिए अलग-अलग रीति-रिवाज अपनाते हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर घंटों इंतजार करना, बच्चों के लिए प्रेरणादायक संदेश लिखना और सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देना भी आम बात है।
गाओकाओ चीन का राष्ट्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (National University Entrance Examination) है। 2026 में इसमें करीब 1.29 करोड़ छात्रों ने हिस्सा लिया। इस परीक्षा के परिणाम छात्रों के भविष्य, करियर और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश का रास्ता तय करते हैं। यही कारण है कि इसे चीन की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में गिना जाता है।