धर्मेंद्र प्रधान बोले- ‘मैं स्ट्रीट फाइटर हूं’, इस्तीफे के बाद संसद में दिया बड़ा संदेश, BJP में क्या होगी अगली भूमिका?

4 0

नई दिल्ली: नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच संसद परिसर में कांग्रेस नेता जयराम रमेश से हुई मुलाकात के दौरान प्रधान ने अपने इरादे साफ करते हुए कहा कि वह “स्ट्रीट फाइटर” हैं और संघर्ष से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

संसद के गलियारे में जयराम रमेश ने उनसे मुलाकात कर सहानुभूति जताते हुए कहा, “It happens.” इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “Nothing happened.” इसके बाद उन्होंने कहा, “I am a street fighter, not an AC room activist.” उनके इस बयान को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस्तीफे के बाद सोमवार को जब धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद पहुंचे तो एनडीए सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कई सांसदों ने उन्हें पगड़ी और अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान उनके चेहरे पर आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। एक सांसद ने कहा कि बिना किसी व्यक्तिगत आरोप के इस्तीफा देने वाले मंत्री बहुत कम देखने को मिलते हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भाजपा धर्मेंद्र प्रधान को आगे कौन-सी जिम्मेदारी सौंपेगी। ओडिशा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने वाले प्रधान लंबे समय से पार्टी के चुनावी रणनीतिकार की भूमिका निभाते रहे हैं। बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में चुनावी प्रबंधन में उनकी अहम भूमिका रही है।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है या आगामी विधानसभा चुनावों में महत्वपूर्ण राज्यों का चुनाव प्रभारी बनाया जा सकता है। उनके समर्थकों का मानना है कि इस्तीफा देने से उनकी राजनीतिक साख कमजोर नहीं हुई, बल्कि जवाबदेही और संगठन के प्रति समर्पण की उनकी छवि और मजबूत हुई है।

इस्तीफे के बाद गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की। पार्टी नेतृत्व ने भी उनके शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की और इसे राष्ट्रहित में लिया गया निर्णय बताया।

ओडिशा की राजनीति में भी धर्मेंद्र प्रधान का प्रभाव बरकरार माना जा रहा है। राज्य में भाजपा के विस्तार और 2024 विधानसभा चुनाव में मिली सफलता में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही वे अब केंद्रीय मंत्री नहीं हैं, लेकिन पार्टी संगठन में उनकी भूमिका पहले की तरह प्रभावशाली बनी रह सकती है।

Related Post

शरद पवार से शिंदे तक… महाराष्ट्र में बगावत और दलबदल की लंबी कहानी, जिसने बदल दी सत्ता की तस्वीर

Posted by - June 19, 2026 0
महाराष्ट्र की राजनीति में दलबदल, बगावत और राजनीतिक पुनर्संयोजन कोई नई बात नहीं है। राज्य का राजनीतिक इतिहास ऐसे कई…

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस का हमला, बोली- युवाओं ने शिक्षा मंत्री को किया ‘डिसमिस’

Posted by - July 25, 2026 0
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने इसे देश के युवाओं और छात्रों की बड़ी जीत…

‘RJD के अंधकार युग और NDA के विकास युग के बीच चुनावी मुकाबला’, पटना में बोले जेपी नड्डा

Posted by - November 1, 2025 0
JP Nadda in Bihar: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पटना के बिक्रम विधानसभा क्षेत्र में एनडीए…

एमके स्टालिन ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, कहा — चुनावी लाभ के लिए ‘सस्ती राजनीति’ छोड़ें

Posted by - October 31, 2025 0
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते…

Bihar Elections: बुर्का, हिजाब या पल्‍लू में आने वाली महिलाओं की पोलिंग बूथ पर कैसे हो रही पहचान, महिला मतदानकर्मी ने ही बताया

Posted by - November 11, 2025 0
Bihar Burqa Voting Rules 2025: बिहार चुनाव में बुर्का, हिजाब या पल्‍लू ओढ़कर आने वाली महिलाओं की पहचान कैसे होती…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *