कोच्चि/एर्नाकुलम: भारतीय नौसेना के बेड़े में आज एक और स्वदेशी शक्ति जुड़ने जा रही है। INS इक्षक (INS Ikshak) को गुरुवार को कोच्चि नौसेना अड्डे पर एक औपचारिक समारोह में नौसेना में शामिल किया जाएगा। इस समारोह की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी करेंगे। ‘इक्षक’ का अर्थ है “मार्गदर्शक”, और यह जहाज अपने नाम के अनुरूप नौसैनिक अभियानों के लिए दिशा और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
यह जहाज भारतीय नौसेना का तीसरा बड़ा स्वदेश निर्मित सर्वेक्षण पोत है, जिसे समुद्री क्षेत्रों का मानचित्रण, नौवहन मार्गों की सुरक्षा एवं रणनीतिक समुद्री क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन त्रिभुवन सिंह ने कहा कि “INS इक्षक निडरता, साहस और मार्गदर्शन का प्रतीक है।”

द्वि-भूमिका निभाने में सक्षम
हालांकि इसका मुख्य उद्देश्य महासागर तल का सर्वेक्षण और नौवहन मानचित्र बनाना है, लेकिन यह आपदा राहत (HADR) और आपातकाल में अस्पताल जहाज की भूमिका भी निभा सकेगा।
जहाज पर 6 बिस्तरों वाला पूर्ण सुसज्जित अस्पताल है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर 40 बिस्तरों तक बढ़ाया जा सकता है।

महत्वपूर्ण विशेषताएं
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लंबाई: 110 मीटर
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विस्थापन क्षमता: 3400 टन
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चालक दल: 231 कर्मी
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गति: 16-18 नॉट्स
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स्वदेशी सामग्री: 80% से अधिक स्वदेशी निर्माण

इसके अलावा, INS इक्षक भारतीय नौसेना का पहला सर्वेक्षण पोत है, जिसमें महिला अधिकारियों के लिए समर्पित आवास सुविधा उपलब्ध है। भविष्य के सभी नौसैनिक पोत इसी मॉडल का अनुसरण करेंगे।