इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई तेजी से नजदीक आ रही है। अगर आपने अभी तक अपना ITR फाइल नहीं किया है, तो अब देरी करना भारी पड़ सकता है। फिलहाल आयकर विभाग ने डेडलाइन बढ़ाने का कोई संकेत नहीं दिया है, इसलिए टैक्सपेयर्स को समय रहते रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी जा रही है।
गुरुग्राम के एक बड़े इंडस्ट्रियल ग्रुप में ACFO रह चुके चार्टर्ड अकाउंटेंट अमित कुमार के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में ITR की अंतिम तारीख बढ़ाई गई थी, लेकिन इस बार ऐसा होगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। ऐसे में 31 जुलाई से पहले ही रिटर्न फाइल करना सबसे बेहतर विकल्प है।
ओल्ड टैक्स रिजीम में ऐसे बचा सकते हैं टैक्स
सीए अमित कुमार के अनुसार, ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले टैक्सपेयर्स कई तरह के डिडक्शन का लाभ उठा सकते हैं।
1. सेक्शन 80C का लाभ
PPF, EPF, ELSS, जीवन बीमा प्रीमियम और बच्चों की ट्यूशन फीस जैसी निवेश योजनाओं पर सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिल सकती है।
2. NPS पर अतिरिक्त छूट
सेक्शन 80CCD(1B) के तहत नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने पर 50,000 रुपये तक का अतिरिक्त डिडक्शन मिलता है। यानी 80C और NPS मिलाकर कुल 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट ली जा सकती है।
3. हेल्थ इंश्योरेंस पर डिडक्शन
सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है। पात्रता के अनुसार 1 लाख रुपये तक की कटौती का दावा किया जा सकता है।
4. एजुकेशन लोन के ब्याज पर राहत
यदि आपने शिक्षा के लिए लोन लिया है, तो सेक्शन 80E के तहत चुकाए गए ब्याज पर बिना किसी अधिकतम सीमा के टैक्स छूट का लाभ मिल सकता है।
5. होम लोन के ब्याज पर छूट
सेक्शन 24(B) के तहत स्वयं के उपयोग वाले घर के होम लोन पर चुकाए गए ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट उपलब्ध है।
6. दान पर भी मिलेगा टैक्स लाभ
सेक्शन 80G के तहत मान्यता प्राप्त संस्थाओं को किए गए दान पर 50% से 100% तक टैक्स डिडक्शन का दावा किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सही टैक्स प्लानिंग और उपलब्ध डिडक्शन का लाभ उठाकर टैक्सपेयर्स अपनी टैक्स देनदारी को काफी हद तक कम कर सकते हैं। ऐसे में अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते ITR फाइल करना और सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखना बेहतर रहेगा।