खालिदा जिया के निधन पर शोक जताते शेख हसीना पर ये क्या बोल गए यूनुस, किसे कहा-“बदले का शिकार”?

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खालिदा जिया के निधन पर शोक जताते शेख हसीना पर ये क्या बोल गए यूनुस, किसे कहा-“बदले का शिकार”?

ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन पर अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने मंगलवार को खालिदा जिया को देश की लोकतांत्रिक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली एक “महान संरक्षक” बताया। यूनुस ने शोक व्यक्त करते कहा कि हमेशा वह यादों में रहेंगी। अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किए शोक संदेश में यूनुस ने कहा कि जिया के निधन से वे “बहुत दुखी और शोकाकुल” हैं, और राष्ट्र ने न केवल एक राजनीतिक नेता खोया है, बल्कि एक ऐसी महान राजनेता को खोया है जो बांग्लादेश के इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय का प्रतिनिधित्व करती थीं। इस दौरान यूनुस ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर बड़ा हमला बोला।

यूनुस ने खालिदा को बताया बांग्लादेश का संरक्षक

यूनुस ने अपने बयान में कहा कि देश ने जिया के निधन के साथ, “एक महान संरक्षक खो दिया है। जिया बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की लंबे समय की प्रमुख और तीन बार प्रधानमंत्री रह चुकी थीं। लंबी बीमारी के बाद ढाका के एवरकेयर अस्पताल में स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6 बजे उनका निधन हो गया। उनकी उम्र 80 वर्ष थी। यूनुस ने कहा कि लोकतंत्र की स्थापना, बहुदलीय राजनीतिक संस्कृति को पोषित करने और लोगों के अधिकारों की रक्षा में जिया की भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा। उनकी अडिग नेतृत्व से राष्ट्र बार-बार अलोकतांत्रिक स्थितियों से मुक्त हुआ और स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए प्रेरित हुआ। राष्ट्र उनके देश और लोगों के प्रति योगदान को सम्मान के साथ याद रखेगा।”

3 दिन का राष्ट्रीय शोक

खालिदा जिया के निधन पर मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने देश में 3 दिनों का राजकीय शोक और एक दिन की सामान्य छुट्टी की घोषणा की। राष्ट्र को संबोधित अपने टेलीविजन भाषण में यूनुस ने लोगों से अंतिम संस्कार की नमाज और देशभर में शोक पालन के दौरान अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।न्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर मैं तीन दिनों के राजकीय शोक और कल उनके नमाज-ए-जनाजा के दिन एक दिन की सामान्य छुट्टी की घोषणा करता हूं।

तानाशाही के खिलाफ लड़ीं खालिदा-यूनुस

यूनुस ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद खालिदा राष्ट्रीय कल्याण के प्रति समर्पित थीं, उनकी लंबी राजनीतिक यात्रा ने जन-केंद्रित नेतृत्व और दृढ़ संकल्प ने लगातार आगे का रास्ता दिखाया। उनके निधन से बांग्लादेश ने एक अनुभवी और सिद्ध राजनेता को खो दिया है। यूनुस ने कहा कि जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और “तानाशाही के खिलाफ लोकतंत्र बहाली की लड़ाई का नेतृत्व किया। उनकी “मजबूत नेतृत्व ने एचएम एर्शद के नौ साल लंबे तानाशाही शासन को गिराने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि 1991 में प्रधानमंत्री बनने के बाद जिया ने उदारीकरण के माध्यम से अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखी।

शेख हसीना को खड़ा किया कठघरे में 

यूनुस ने  पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि हसीना के “फासीवादी शासन” के दौरान जिया “संघर्ष और प्रतिरोध का एक अनोखा प्रतीक” बनकर उभरीं और अपनी दृढ़ स्थिति से राष्ट्र को प्रेरित किया। मुख्य सलाहकार ने आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक सफलता के कारण जिया “अत्यधिक राजनीतिक बदले की शिकार” बनीं और “झूठे और गढ़े गए मामलों” में 17 साल की सजा हुई तथा लंबी कैद की अवधि सहन की। यूनुस ने जिया के शोकसंतप्त परिवार और बीएनपी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की। उनके निधन को राष्ट्र के लिए अपूर्णीय क्षति बताते हुए उन्होंने लोगों से शांत और धैर्य बनाए रखने की अपील की और नागरिकों से दिवंगत नेता के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध किया।

शेख हसीना ने भी व्यक्त किया शोक

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने बयान में कहा, “मैं बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में और लोकतंत्र की स्थापना के संघर्ष में उनकी भूमिका के लिए, राष्ट्र के प्रति उनका योगदान महत्वपूर्ण था और हमेशा याद रखा जाएगा। उनका निधन बांग्लादेश के राजनीतिक जीवन और बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी के नेतृत्व के लिए एक गहरा नुकसान है। मैं बेगम खालिदा जिया की आत्मा की शांति और क्षमा के लिए प्रार्थना करती हूं। मैं उनके पुत्र तारिक रहमान और उनके शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं बीएनपी परिवार के प्रति भी अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं आशा करती हूं कि सर्वशक्तिमान अल्लाह उन्हें इस कठिन समय को सहन करने के लिए धैर्य, शक्ति और सांत्वना प्रदान करें।”

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