ईरान पर अमेरिकी हमले से बाजार में हड़कंप, सेंसेक्स 350 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला

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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच घरेलू बाजार भारी दबाव में खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 350 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी में भी 110 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 73,614 के स्तर पर खुला, जो पिछले बंद स्तर की तुलना में करीब 350 अंक नीचे था। हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में हल्की रिकवरी देखने को मिली। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 23,104 के स्तर पर खुला और शुरुआती कारोबार में दबाव में बना रहा।

बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एचसीएल टेक और टीसीएस जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में बिकवाली हावी रही। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी बाजारों में टेक कंपनियों के शेयरों में आई कमजोरी का असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी पड़ा है।

दूसरी ओर, एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग के बाजार गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। वैश्विक निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव ने जोखिम लेने की भावना को कमजोर किया है।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है तो ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच सकती है। इसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

अमेरिका में बढ़ती महंगाई ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। मई महीने में अमेरिकी महंगाई दर 4.2 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो पिछले कई वर्षों का उच्च स्तर माना जा रहा है। इससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर हुई हैं, जिसका असर वैश्विक शेयर बाजारों पर दिखाई दे रहा है।

फिलहाल निवेशकों की नजर मध्य पूर्व के हालात, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम शेयर बाजार की दिशा तय कर सकते हैं

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