हैलोवीन पर कैंडी खाते समय रहें सावधान: कुछ मिठाइयाँ एंटीडिप्रेसेंट और बीपी दवाओं पर डाल सकती हैं असर

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हैलोवीन का त्यौहार रंगीन पोशाकों और मीठी कैंडीज़ के बिना अधूरा लगता है। लेकिन अगर आप किसी नियमित दवा का सेवन करते हैं — जैसे कि अवसाद, चिंता, एडीएचडी, ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी बीमारियों की दवाएँ — तो इस बार की मिठाई आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कुछ खास मिठाइयाँ और उनके तत्व, दवाओं के साथ मिलकर अप्रत्याशित दुष्प्रभाव पैदा कर सकते हैं।

ऑक्सफ़ोर्ड ऑनलाइन फ़ार्मेसी की क्लिनिकल फ़ार्मासिस्ट किरण जोन्स के अनुसार, “हैलोवीन की कई लोकप्रिय मिठाइयों में मौजूद कृत्रिम मिठास, कैफीन, मुलेठी और रंग जैसे तत्व दवाओं की प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकते हैं। ये तत्व शरीर में दवा के अवशोषण की प्रक्रिया को बदल देते हैं और कई बार दवा के विपरीत असर डाल सकते हैं।”

कौन-सी दवाओं के साथ किन मिठाइयों से बचें

1. एंटीडिप्रेसेंट और पार्किंसंस की दवाएं:
एस्पार्टेम (Aspartame) जैसे कृत्रिम स्वीटनर, जो “शुगर-फ्री” कैंडीज़ और डाइट ड्रिंक्स में पाए जाते हैं, मोनोमाइन ऑक्सीडेज इनहिबिटर्स (MAOI) जैसी दवाओं के साथ खतरनाक प्रतिक्रिया दे सकते हैं। इससे मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर का स्तर असंतुलित हो जाता है, जिससे उच्च रक्तचाप, सिरदर्द, घबराहट और नींद न आने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

2. एडीएचडी, चिंता और बीपी की दवाएं:
चॉकलेट या कॉफी फ्लेवर वाली कैंडीज़ में पाया जाने वाला कैफीन दवाओं के असर को बदल सकता है। यह एडीएचडी की दवाओं के उत्तेजक प्रभाव को बढ़ा देता है और एसएसआरआई एंटीडिप्रेसेंट्स के शांत प्रभाव को कम कर देता है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल के लिए ली जाने वाली बीटा-ब्लॉकर्स पर भी कैफीन का असर पड़ता है, जिससे धड़कन तेज़, बेचैनी और नींद न आने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

3. मुलेठी युक्त कैंडीज़ और दिल की दवाएं:
मुलेठी में मौजूद ग्लाइसीराइज़िन नामक यौगिक शरीर में सोडियम बढ़ाकर और पोटैशियम घटाकर ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। यह प्रभाव हृदय रोग और मूत्रवर्धक दवाओं के असर को कम कर देता है, जिससे पानी जमा होने, सूजन या अनियमित हृदय गति जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

4. एलर्जी की दवाएं:
रंगीन कैंडीज़ जैसे एम एंड एम्स या स्किटल्स में मौजूद कृत्रिम रंग हिस्टामाइन के स्राव को बढ़ा सकते हैं। यह सीधे तौर पर एंटीहिस्टामाइन दवाओं के असर को घटा देता है, जिससे खुजली, पित्ती या सूजन जैसी एलर्जी दोबारा उभर सकती है।

सीमित मात्रा में ही खाएँ मिठाइयाँ

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से दवा ले रहा है, तो उसे मिठाइयों का सेवन बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए। डॉक्टर या फार्मासिस्ट से परामर्श करके यह पता लगाना बेहतर है कि कौन से तत्व आपकी दवा के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं।

किरण जोन्स ने कहा, “थोड़ी सावधानी बरतकर लोग हैलोवीन का आनंद बिना स्वास्थ्य जोखिम के उठा सकते हैं। बस यह याद रखें कि हर मीठी चीज़ सभी के लिए मीठी नहीं होती।”

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