सिरसा में पटवारी और पंचायत सेक्रेटरी को सस्पेंड कर दिया गया है। इन्हें पराली नहीं जलाने के मामले में निलंबित किया गया है।
सिरसा। हरियाणा के सिरसा में पराली जलाने के मामले में दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सिरसा के डीसी शांतनु शर्मा ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में पटवारी हिमांशु और पंचायत सेक्रेटरी प्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया। जानकारी के अनुसार, दोनों ही कर्मचारी पराली जलाने के दौरान मौके पर नहीं पहुंचे। डीसी शांतनु शर्मा ने इस मामले में तुंरत संज्ञान लेते हुए तुरंत प्रभाव से दोनों ही कर्मचारियों को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए।
सिरसा में 15 किसानों पर केस दर्ज
जानकारी के मुताबिक, सिरसा जिलेभर में अब तक पराली जलाने के मामले में 15 किसानों पर केस दर्ज किया गया है। इनमें से 7 सूचना हरसैक से मिली थी और 8 सूचनाएं विभाग को अपने स्तर पर ड्यूटी के दौरान मिली है। पराली नहीं जलाने को लेकर जिला प्रशासन ने रेवेन्यू विभाग, पंचायत सेक्रेटरी, वीएलडीए व कॉपरेट वाले कर्मचारी एवं अधिकारियों की ड्यूटी लगाई हुई है। इनको कृषि विभाग के अंतर्गत किए हुए हैं। जैसे ही आगजनी की सूचना आती है और संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आगजनी के स्थान पर पहुंचना पड़ता है। गांव वाइज पराली की गांठे या प्रबंधन करने वाले किसानों की सूची बनानी पड़ती है। 50 किसानों पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। फील्ड में चेकिंग के लिए विशेष टीमें बनाई गई है। इनमें पुलिस को भी शामिल किया गया है।
पराली की गांठों की काफी डिमांड
उप निदेशक डॉ. सुखबीर कंबोज ने बताया कि इस बार पराली की गांठों की काफी डिमांड है। कई फैक्ट्रियां नई शुरू हुई है और अगले साल तक इनकी खपत और बढ़ जाएगी। इससे जिलेभर में पराली की जितनी गांठे है, उनकी खपत के अनुसार डिमांड बढ़ जाएगी। किसानों को भी दिक्कत नहीं आएगी। इससे प्रबंधन में भी आसानी होगी। सिरसा जिलेभर में अब तक पराली जलाने के मामले में 15 किसानों पर केस दर्ज किया गया है।