देश के करोड़ों किसानों के लिए 20 जून का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। केंद्र सरकार PM Kisan Samman Nidhi Yojana की 23वीं किस्त जारी करने जा रही है। इस किस्त के तहत पात्र किसानों के बैंक खातों में ₹2,000 की राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी।
हालांकि, इस बार कई किसानों की किस्त अटक सकती है, क्योंकि सरकार ने लैंड सीडिंग वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों की जमीन का रिकॉर्ड योजना से लिंक नहीं है, उन्हें भुगतान में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
क्या है लैंड सीडिंग वेरिफिकेशन?
लैंड सीडिंग का अर्थ किसान की भूमि संबंधी जानकारी को पीएम किसान योजना के डेटाबेस से जोड़ना है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल पात्र किसानों तक ही पहुंचे और फर्जी दावों पर रोक लगाई जा सके।
कैसे चेक करें लैंड सीडिंग स्टेटस?
किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्टेटस देख सकते हैं:
PM Kisan Official Portal
यदि आपके स्टेटस में “Land Seeding: No” दिखाई देता है, तो इसका मतलब है कि आपकी भूमि का रिकॉर्ड अभी तक सत्यापित नहीं हुआ है और किस्त रुक सकती है।
लैंड सीडिंग कैसे कराएं?
यदि आपका वेरिफिकेशन पूरा नहीं हुआ है, तो अपने क्षेत्र के:
- लेखपाल
- पटवारी
- राजस्व अधिकारी
से संपर्क करें।
इसके लिए निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है:
- खतौनी या भूमि रिकॉर्ड
- आधार कार्ड
- पीएम किसान रजिस्ट्रेशन नंबर
जांच के बाद अधिकारी आपकी जानकारी ऑनलाइन अपडेट करेंगे।
इन वजहों से भी रुक सकती है किस्त
केवल लैंड सीडिंग ही नहीं, बल्कि निम्न कारणों से भी भुगतान अटक सकता है:
- e-KYC अधूरी होना
- Farmer ID का न होना
- बैंक खाता संख्या गलत होना
- IFSC कोड में त्रुटि
- आधार और बैंक खाते की जानकारी में मेल न होना
तुरंत करें ये काम
किसान अपनी सभी जानकारी की जांच आज ही कर लें ताकि 23वीं किस्त का लाभ समय पर मिल सके। e-KYC, बैंक डिटेल्स और लैंड सीडिंग स्टेटस को अपडेट रखना बेहद जरूरी है।