राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने विपक्षी राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से अलग होकर बनी क्षेत्रीय पार्टियों को वापस कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए और पूरे दिल से राहुल गांधी को अपना नेता स्वीकार करना चाहिए।
गहलोत ने कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है और विपक्ष को एकजुट होकर स्पष्ट नेतृत्व प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा, “अब इंडिया गठबंधन के नेता राहुल गांधी हैं, यह संदेश पूरे देश में साफ तौर पर जाना चाहिए।” उनके मुताबिक यदि सभी विपक्षी दल मिलकर राहुल गांधी को नेता मान लें, तो देश में मतदान का पैटर्न बदल सकता है।
हालांकि गहलोत ने स्पष्ट किया कि वे उन दलों की बात कर रहे हैं जो कभी कांग्रेस से अलग होकर बने थे। उन्होंने कहा कि शिवसेना, सीपीएम और सीपीआई जैसे दलों पर कांग्रेस कोई दावा नहीं कर सकती, लेकिन अन्य दलों को आत्ममंथन करना चाहिए।
युवाओं से राजनीति में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए गहलोत ने कहा कि समय आ गया है कि नई पीढ़ी विचारधारा के आधार पर राजनीति में आए और लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने कहा, “इतिहास पूछेगा कि आपके समय में आपने क्या भूमिका निभाई थी।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी एकता और INDIA गठबंधन की रणनीति को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं।