महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 में से 16 सीटों पर कब्जा जमाया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के गठबंधन ने राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ का प्रदर्शन किया है। विपक्ष को केवल एक सीट से संतोष करना पड़ा।
चुनाव के दौरान 17 सीटों में से 6 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। शेष 11 सीटों पर हुए मुकाबलों में महायुति ने लगभग एकतरफा जीत दर्ज की। भाजपा को सबसे अधिक सफलता मिली और उसके 9 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।
हालांकि, नासिक सीट का परिणाम महायुति के लिए चर्चा का विषय बन गया। यहां शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गिते ने पराजित कर दिया। गोकुल गिते भाजपा से जुड़े रहे हैं, लेकिन टिकट न मिलने पर उन्होंने बगावत करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया था।
नासिक में बिगड़ा शिंदे का समीकरण
नासिक चुनाव में खरीद-फरोख्त की आशंका को देखते हुए भाजपा और शिवसेना ने अपने नगरसेवकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई थी। इसके बावजूद गठबंधन उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। गोकुल गिते की जीत को स्थानीय स्तर पर भाजपा के असंतोष और व्यक्तिगत प्रभाव का परिणाम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नासिक का परिणाम महायुति के भीतर मौजूद स्थानीय असंतोष की ओर भी संकेत करता है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि जीत के बाद गोकुल गिते का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा।
प्रमुख विजेता
- नांदेड़ – अमरनाथ राजुरकर (भाजपा)
- नागपुर उपचुनाव – डॉ. राजीव पोतदार (भाजपा)
- भंडारा-गोंदिया – अविनाश ब्राह्मणकर (भाजपा)
- छत्रपति संभाजीनगर-जालना – सुहास शिरसाट (भाजपा)
- परभणी-हिंगोली – सईद खान (शिवसेना)
- जलगांव – नंदकिशोर महाजन (भाजपा)
- सांगली-सतारा – धैर्यशील कदम (भाजपा)
- सोलापुर – राजेंद्र राउत (भाजपा)
- धाराशिव-लातूर-बीड – बसवराज पाटिल (भाजपा)
- अमरावती – प्रवीण पोटे (भाजपा)
निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवार
- अरुण लखानी (भाजपा) – वर्धा-गढ़चिरौली-चंद्रपुर
- रवींद्र फाटक (शिवसेना) – ठाणे
- अनिकेत तटकरे (NCP) – रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग
- दुष्यंत चतुर्वेदी (शिवसेना) – यवतमाल
- प्राजक्त तनपुरे (भाजपा) – अहिल्यानगर
- विक्रम काकड़े (NCP) – पुणे
इन परिणामों से स्पष्ट है कि महायुति गठबंधन ने राज्य की स्थानीय राजनीति में अपना प्रभाव बरकरार रखा है। वहीं विपक्ष के लिए यह चुनाव आत्ममंथन का विषय बन सकता है, क्योंकि अधिकांश सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा।