आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया मुलाकात को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ओमान की खाड़ी क्षेत्र में तीन भारतीय नागरिकों की मौत जैसे गंभीर मुद्दे पर भारत को अपना विरोध अधिक स्पष्ट और मजबूती से दर्ज कराना चाहिए था।
शनिवार को जारी एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा कि फ्रांस में हुई प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात के दौरान अमेरिकी कार्रवाई में मारे गए भारतीयों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जब एक पत्रकार ने ट्रंप से भारतीयों की मौत पर सवाल पूछा, तब अमेरिकी राष्ट्रपति ने कथित तौर पर कोई खेद व्यक्त नहीं किया, जो भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।
केजरीवाल ने कहा कि किसी भी देश के लिए उसके नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके अनुसार, भारत को कूटनीतिक भाषा में लेकिन स्पष्ट रूप से यह संदेश देना चाहिए था कि भारतीय नागरिकों की मौत पर देश गंभीर चिंता व्यक्त करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह की टकरावपूर्ण भाषा का समर्थन करना नहीं है, बल्कि भारत को अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अधिक दृढ़ता से अपनी बात रखनी चाहिए। केजरीवाल ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति से यह कह सकते थे कि भारत निर्दोष भारतीय नागरिकों की मौत पर अपनी नाराजगी दर्ज करता है और इस घटना पर अमेरिका से जवाबदेही की अपेक्षा करता है।
AAP प्रमुख ने यह भी कहा कि दुनिया के विभिन्न मंचों पर भारत की प्रतिष्ठा और सम्मान बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में कई ऐसे अवसर आए हैं जब भारत को अपने राष्ट्रीय हितों और नागरिकों के सम्मान की रक्षा के लिए अधिक मुखर भूमिका निभानी चाहिए थी।
हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन केजरीवाल के बयान ने राजनीतिक बहस को नया आयाम दे दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।