राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत जयपुर के अमर जवान ज्योति से जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (JCTSL) की 29 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भीलवाड़ा में 18 नई इलेक्ट्रिक बसों का भी शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगस्त 2023 में शुरू की गई पीएम ई-बस सेवा योजना का उद्देश्य देश के शहरों में स्वच्छ, सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। केंद्र सरकार इस योजना के तहत डिपो निर्माण, इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बस संचालन के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।
किन जिलों को मिलेगा लाभ?
राजस्थान के कुल 8 प्रमुख जिलों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इनमें शामिल हैं:
- जयपुर
- जोधपुर
- उदयपुर
- कोटा
- बीकानेर
- भीलवाड़ा
- अलवर
- अजमेर
केंद्र सरकार ने इन आठ शहरों के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त 475 और इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति भी मिल चुकी है। इस तरह राजस्थान को कुल 1,150 इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त होंगी। सरकार का लक्ष्य है कि पहले चरण में दीपावली तक 675 बसों का संचालन शुरू कर दिया जाए।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नई इलेक्ट्रिक बसों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इनमें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। बसों में निम्न सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- सीसीटीवी कैमरे
- पैनिक बटन
- एयर कंडीशनिंग (AC)
- दिव्यांगजन अनुकूल प्रवेश व्यवस्था
- वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए सुरक्षित यात्रा सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बसों के संचालन से महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा तथा यात्रियों को आरामदायक और किफायती सफर मिलेगा।
पर्यटकों के लिए भी खास व्यवस्था
राज्य सरकार शहरी परिवहन के लिए 555 इलेक्ट्रिक बसों के साथ-साथ 50 डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें भी संचालित करेगी। इन डबल डेकर बसों का उपयोग विशेष रूप से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा, जिससे राजस्थान आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों को बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण में कमी आएगी और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने “हरियालो राजस्थान” अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य में अब तक लगभग 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में भाग लेने की अपील भी की।
खुद बस में सफर कर लिया अनुभव
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक बस का पूजन किया और बस में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने चालक और परिचालक से बातचीत की तथा अमर जवान ज्योति से स्टेट हैंगर तक इलेक्ट्रिक बस में सफर कर यात्रियों के अनुभव को भी समझा।
राजस्थान सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों का यह बड़ा बेड़ा न केवल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि “विकसित राजस्थान 2047” के लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।